फिर भी 30 जिलों में एक भी मरीज ने नहीं लिया सेवा का लाभ

सेवा का लाभ
  • पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा: सालाना 35 करोड़ खर्च…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। दुर्घटना में घायलों और गंभीर रोगियों को बड़े अस्पतालों में पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने दो वर्ष पहले पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों की रुचि नहीं होने और प्रचार-प्रसार के अभाव के चलते रोगी इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। एयर एंबुलेंस संचालित करने वाली कंपनी को निर्धारित शर्त के अनुसार प्रतिमाह 100 घंटे का किराया सरकार अनिवार्य तौर पर चुका रही है, लेकिन इसका 40 प्रतिशत ही उपयोग हो पा रहा है।
इस कारण रोगियों को नहीं मिल पा रहा लाभ: आम व्यक्ति सीधे एंबुलेंस नहीं बुला सकता। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया है। पहली जिम्मेदारी संबंधित अस्पताल की है कि वह सीएमएचओ को सूचित करे। सीएमएचओ कलेक्टर को जानकारी देते हैं, इसके बाद सेवा मिलती है। जिलों में सीएमएचओ की रुचि नहीं होने के कारण निजी या सरकारी अस्पताल भी उदासीन हैं। हेल्पलाइन नंबर भी है, पर उसका भी प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है। मई 2024 में शुरू हुई सेवा के दो वर्ष पूरे हो चुके हैं, इसके बाद भी यह स्थिति है। न्यूनतम 100 घंटे की भुगतान की शर्त के अंतर्गत प्रतिमाह लगभग 30 रोगियों को सुविधा इतनी ही राशि में उपलब्ध कराई जा सकती है, जबकि अभी एक माह में औसतन सात रोगियों को ही लाभ मिल पा रहा है।
सालभर में 100 मरीजों को भी नहीं मिला लाभ
कंपनी एक हेलीकाप्टर और एक विमान एंबुलेंस के लिए उपलब्ध करा रही है। दोनों का एक वर्ष का किराया 35 करोड़ रुपये बनता है। उधर, एयर एंबुलेंस की सेवा लेने वाले रोगी एक वर्ष में 100 भी नहीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठकों में कई बार कहा है कि इस सेवा का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए। जिलों में कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की यह जिम्मेदारी है कि आमजन और अस्पतालों को इस सेवा के बारे में बताएं।

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