
देश के बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर विकराल रूप ले चुका है। भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दक्षिण के केरल-कर्नाटक में जहां प्राकृतिक आपदाओं के कारण 11 लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग लापता हैं। वहीं उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में नदियां और हाईवे खतरे के निशान पर हैं। केरलम में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ से 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 8 लोग लापता हैं। सरकार ने 65 राहत शिविर बनाए हैं, जहां 1,465 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है। वहीं कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में रविवार सुबह लैंडस्लाइड में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मल्लिकार्जुन (35), उनकी पत्नी नागवेणी (28) और 3 साल का बेटा संतोष शामिल हैं। हादसे के समय तीनों पहाड़ी के पास बने घर में सो रहे थे। इधर, वहीं, बिहार के बांका में अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। राजस्थान के 24 जिलों में बारिश हो रही है। इसकी वजह से अजमेर की सडक़ों पर पानी भर गया।
