
- पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने तय की जवाबदेही
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्यप्रदेश में खराब सडक़ों को लेकर अब लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्रियों (ईई) की जवाबदेही तय होगी। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि जिस क्षेत्र में सडक़ खराब मिलेगी, वहां संबंधित कार्यपालन यंत्री जिम्मेदार होंगे। समय पर मरम्मत नहीं होने या रखरखाव में लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय में आयोजित मुख्य अभियंता कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने विभागीय निर्माण कार्यों, सडक़ों की गुणवत्ता, औचक निरीक्षण, बिटुमेन की उपलब्धता, भुगतान सत्यापन और लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्री और प्रमुख सचिव स्तर से जारी निर्देशों का समय-सीमा में पालन प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। आदेशों की अनदेखी, फाइलें लंबित रखने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में सडक़ क्षतिग्रस्त होने के बाद यदि समय पर मरम्मत नहीं की गई तो संबंधित कार्यपालन यंत्री को जिम्मेदार माना जाएगा।
ब्लैकलिस्टिंग में देरी पर नाराजगी
बैठक में औचक निरीक्षणों में सामने आई अनियमितताओं की समीक्षा के दौरान मंत्री ने पूछा कि दोषी ठेकेदारों में से कितनों को अब तक ब्लैकलिस्ट किया गया है। कुछ परिक्षेत्रों में कार्रवाई लंबित पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि औचक निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि दोषियों पर कार्रवाई का माध्यम होना चाहिए।
3 अगस्त तक मांगे सडक़ों के युक्तियुक्तकरण के प्रस्ताव
मंत्री ने सभी मुख्य अभियंताओं को निर्देश दिए कि अपने-अपने परिक्षेत्र की सडक़ों की नियमित निगरानी करें और 3 अगस्त 2026 तक सडक़ श्रेणियों के युक्तियुक्तकरण संबंधी प्रस्ताव तैयार कर प्रमुख सचिव और मंत्री के समक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय वर्तमान यातायात, औद्योगिक एवं कृषि गतिविधियों, पर्यटन की जरूरतों और भविष्य की विकास संभावनाओं को ध्यान में रखा जाए।
मुख्य अभियंताओं की होगी परीक्षा
बैठक में विभागीय प्रशिक्षण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण केवल प्रमाण-पत्र लेने की औपचारिकता नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी बैठक में मुख्य अभियंताओं से विभागीय परिपत्रों और दिशा-निर्देशों पर प्रश्नावली भरवाई जाएगी, ताकि यह परखा जा सके कि अधिकारी शासन के निर्देशों को पढ़ते, समझते और उनका पालन करते हैं या नहीं।
विभाग में बढ़ेगी जवाबदेही
प्रदेश में बारिश के दौरान खराब सडक़ों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच सरकार का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सडक़ खराब होने पर केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि संबंधित कार्यपालन यंत्री की भी जवाबदेही तय होगी।
