सियासी आरोपों के बीच, रिकॉर्ड मतदान की चुनौती

  • दतिया उपचुनाव:कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शुरू

गौरव चौहान
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान चल रहा है। कड़ी सुरक्षा के बीच जिले के दो लाख 20 हजार 410 मतदाता वोट देंगे। मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हो गई है। दतिया विधानसभा के मतदाताओं को ढाई साल बाद ही दोबारा प्रतिनिधि चुनने का मौका इस उपचुनाव के कारण मिल रहा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इस सीट पर जीत के लिए अपना पूरा दमखम लगा दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दतिया वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव का 80.20 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान दोहरा पाएगा या नहीं।
चुनाव प्रचार के दौरान दतिया की जनता अपेक्षाकृत शांत नजर आई, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने घर-घर संपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं तक पहुंच बनाई। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार की कमान संभाली, जबकि कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा संभाला। हालांकि प्रत्याशियों के चयन को लेकर दोनों दलों के भीतर उठे सवालों का मतदाताओं पर कितना असर पड़ा, इसका जवाब अब मतदान के बाद ही मिलेगा। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाना है। अधिकारियों का मानना है कि यदि मतदान प्रतिशत पिछली बार के मुकाबले मामूली ही कम रहता है तो इसे भी व्यापक मतदान जागरूकता अभियान की सफलता माना जाएगा।
66 साल में सबसे अधिक मतदान का रिकॉर्ड
दतिया विधानसभा क्षेत्र ने वर्ष 2023 के चुनाव में इतिहास रचते हुए 80.20 प्रतिशत मतदान दर्ज किया था, जो पिछले 66 वर्षों का सर्वाधिक मतदान था। इससे पहले वर्ष 2018 में 77.20 प्रतिशत और 2013 में 75.31 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत घटकर 66.57 प्रतिशत रह गया था। वर्ष 1957 में 41.51 प्रतिशत, 1962 में 55.59 प्रतिशत, 1972 में 62.79 प्रतिशत, 1977 में 60.16 प्रतिशत, 1980 में 52.54 प्रतिशत, 1985 में 50.25 प्रतिशत, 1990 में 60.60 प्रतिशत, 1993 में 63.44 प्रतिशत,1998 में 63.36 प्रतिशत, 2008 में 73.31 प्रतिशत, 2013 में 75.31 प्रतिशत, 2018 में 77.20 प्रतिशत और वर्ष 2023 में सबसे ज्यादा 80.20 प्रतिशत मतदान हुआ था।
मतदान से पहले कांग्रेस की शिकायत
मतदान से ठीक पहले कांग्रेस ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाते हुए निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दतिया के जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विपक्षी नेताओं के फोन नहीं उठा रहे हैं और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं कर रहे। प्रदेश कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्थानांतरित पुलिस अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है और वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रहे हैं। साथ ही प्रचार समाप्त होने के बाद भी भाजपा से जुड़े बाहरी लोगों के विधानसभा क्षेत्र में रुक कर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस ने आयोग से संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने, निष्पक्ष अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा बाहरी लोगों को तत्काल विधानसभा क्षेत्र से हटाने की मांग की है ताकि मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
निर्वाचन आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण बनाने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे विधानसभा क्षेत्र के 233 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और 28 केंद्रों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों पर 215 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सीआरपीएफ, मध्य प्रदेश पुलिस और एसएएफ के जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। सभी मतदान केंद्रों तथा 12 प्रमुख नाकों पर वेबकास्टिंग और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। सेक्टर अधिकारियों के वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग की व्यवस्था भी की गई है। पूरे चुनाव क्षेत्र में 2,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं ने घर से किया मतदान
निर्वाचन आयोग ने 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ मतदाताओं के लिए होम वोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई। पात्र 86 मतदाताओं में से 85 वरिष्ठ नागरिकों ने मतदान से एक दिन पहले अपने घर से ही मताधिकार का प्रयोग किया। अब पूरे प्रदेश की निगाहें मतदान प्रतिशत, मतदान की निष्पक्षता और अंतत: आने वाले चुनाव परिणाम पर टिकी हैं, क्योंकि दतिया उपचुनाव को प्रदेश की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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