100 प्रतिशत रिजल्ट वाले स्कूलों को 5 लाख पुरस्कार देगी सरकार

  • नव चयनित प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी किए वितरित  

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
उज्जैन में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने देवास रोड स्थित करीब 34 करोड़ रुपए की लागत से बने नए गीता भवन का लोकार्पण किया। इसके बाद राज्य स्तरीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं महर्षि सांदीपनि अलंकरण समारोह में शामिल होकर नव चयनित प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री सुबह उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद संत रविदास मंदिर और महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। गीता भवन में आयोजित समारोह में प्रदेश के 17 जिलों से आए करीब एक हजार नव चयनित प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि लगातार तीन वर्षों तक 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों के प्राचार्यों को एक लाख रुपए तथा संबंधित स्कूल को पांच लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
श्रीकृष्ण-सुदामा नगरी का भूमिपूजन
मुख्यमंत्री ने काल भैरव मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान काल भैरव भी सील टूटी शराब की बोतल का प्रसाद स्वीकार नहीं करते। उन्होंने कहा कि सरकार काल भैरव मंदिर सहित धार्मिक स्थलों के विकास पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विक्रम नगर क्षेत्र में लगभग 550 करोड़ रुपए की लागत वाली नई आवासीय योजना श्रीकृष्ण-सुदामा नगरी का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती का काम पूरा हुआ है। आज 3 संभागों के लगभग 1000 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिले हैं। उन्होंने कहा कि ये शिक्षक महर्षि सांदीपनि के वंशज के रूप में जाने जाएंगे। शिक्षक भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता के भाव से बच्चों को शिक्षित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शासकीय विद्यालयों के ऐसे प्राचार्यों को, जिन्होंने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में तीन साल तक शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम दिया है, उन्हें सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ऐसे सभी स्कूलों के प्राचार्यों को 1 लाख रुपए की सम्मान राशि और प्राध्यापकों के साथ स्कूल में विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे स्कूल शिक्षा में और बेहतरी का एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
587 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पिछले दो वर्षों के दौरान 18 हजार से अधिक थानेदार, उप निरीक्षक और पुलिस आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, सुरक्षा और अधोसंरचना तीनों क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 587 करोड़ रुपए की लागत वाले नौ विकास कार्यों की सौगात भी दी। इनमें काल भैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर और सांदीपनि आश्रम के कायाकल्प कार्य, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में पांच करोड़ रुपए की लागत से सोलर सिस्टम, प्रदेश में 60 नए सांदीपनि विद्यालय तथा अन्य विकास परियोजनाएं शामिल हैं।
आठ जिलों में मिशन बुनियाद
सीएम ने शिक्षा में तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए प्रदेश के आठ जिलों में मिशन बुनियाद की शुरुआत की घोषणा की। इस योजना के तहत शुरुआती चरण में 500 स्कूलों के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षण प्रणाली से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीक के माध्यम से बच्चों की बुनियादी शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
पुस्तक को समर्पित किया
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गृह नगर उज्जैन पहुंचे थे, इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं द्वारा लिखित पुस्तक भारतीय गुरु परंपरा के शिल्पी महर्षि सांदीपनि को महर्षि सांदीपनि के चरणों में समर्पित किया। यह पुस्तक मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा प्रकाशित की गई है।

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