डीजीपी की दौड़ तेज, तीन अधिकारियों के बीच मुकाबला

  • मप्र पुलिस में बड़े बदलाव की आहट

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्य प्रदेश पुलिस में वर्ष 2026 के अंत तक बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वर्तमान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना का एक वर्ष का सेवा विस्तार 1 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। यदि राज्य सरकार उन्हें दोबारा विस्तार नहीं देती है तो प्रदेश को नया पुलिस प्रमुख मिलेगा। इसे देखते हुए पुलिस मुख्यालय से लेकर सत्ता के गलियारों तक नए डीजीपी के नामों पर मंथन शुरू हो गया है। वरिष्ठता, सेवा अवधि और अनुभव को देखते हुए डीजी ईओडब्ल्यू उपेंद्र जैन, डीजी जेल वरुण कपूर और स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को डीजीपी पद की दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। इनमें वरिष्ठता और न्यूनतम कार्यकाल की उपलब्धता के कारण उपेंद्र जैन का नाम सबसे मजबूत बताया जा रहा है।
डीजीपी कैलाश मकवाना का नियमित कार्यकाल 1 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया था। हालांकि सरकार चाहे तो उन्हें एक और वर्ष का विस्तार दे सकती है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में इसकी संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है। ऐसे में दिसंबर के बाद नए डीजीपी की नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही है। डीजीपी पद के लिए जिन अधिकारियों के नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं, उनमें उपेंद्र जैन महानिदेशक, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, वरुण कपूर  महानिदेशक, जेल और पंकज श्रीवास्तव  स्पेशल डीजी, सीआईडी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, यदि वरिष्ठता और कार्यकाल को प्राथमिकता दी जाती है तो उपेंद्र जैन सबसे आगे रह सकते हैं। वहीं प्रशासनिक अनुभव और विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने का अनुभव वरुण कपूर और पंकज श्रीवास्तव को भी मजबूत दावेदार बनाता है।
2027 में एक साथ रिटायर होंगे 13 आईपीएस अधिकारी
अगले वर्ष प्रदेश पुलिस महकमे में सेवानिवृत्ति का बड़ा दौर आने वाला है। वर्ष 2027 में कुल 13 आईपीएस अधिकारी सेवा से निवृत्त होंगे। इनमें सात प्रमोटी और छह डायरेक्ट आईपीएस अधिकारी शामिल हैं। जो अधिकारी सेवानिवृत्ति होंगे उनमें  जनवरी में राकेश सगर, मार्च में मुकेश श्रीवास्तव, मई में वरुण कपूर, जून में ओमप्रकाश त्रिपाठी, विनोद कुमार सिंह, संतोष सिंह गौर, जुलाई में जी. अखेतो सेमा, राजाबाबू सिंह, अगस्त में उपेंद्र जैन, अक्टूबर में उमेश जोगा, मनोज कुमार सिंह, रसना ठाकुर, दिसंबर में पंकज श्रीवास्तव शामिल हैं। इसी वजह से डीजीपी चयन में अधिकारियों के शेष सेवा काल को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस साल भी 16 आईपीएस हो रहे हैं सेवानिवृत्त
वर्ष 2026 में भी आईपीएस कैडर में बड़े पैमाने पर सेवानिवृत्तियां हो रही हैं। कुल 16 अधिकारियों को इस वर्ष रिटायर होना है। अब तक जिन अधिकारियों की विदाई हो चुकी है, उनमें जगदीश डाबर, अंशुमान सिंह, हिमानी खन्ना, सविता सोहाने, जितेंद्र सिंह पंवार, महेशचंद्र जैन, संजीव शमी, आलोक रंजन और  संजय तिवारी शामिल हैं।
जुलाई और अगस्त में कई वरिष्ठ अफसर होंगे विदा
इसी माह अरविंद सक्सेना और शशिकांत शुक्ला भी सेवानिवृत्त होंगे। इसके बाद अगस्त में सबसे अधिक चार वरिष्ठ अधिकारी अजय शर्मा, आशुतोष रॉय, ए. साई मनोहर और  मिथिलेश शुक्ला सेवानिवृत्त होंगे।
पुलिस मुख्यालय में बड़े फेरबदल की तैयारी
लगातार हो रही सेवानिवृत्तियों के कारण आने वाले महीनों में पुलिस मुख्यालय, जोन, रेंज और जिला स्तर पर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि नए डीजीपी की नियुक्ति के साथ ही वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी व्यापक बदलाव हो सकते हैं। इसके अलावा रिक्त होने वाले पदों को भरने के लिए नई तबादला सूची जारी होने की भी संभावना है, जिससे पुलिस प्रशासन में नई कार्यशैली और नेतृत्व व्यवस्था देखने को मिल सकती है।
दिसंबर के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल प्रदेश की पुलिस व्यवस्था की सबसे बड़ी चर्चा यही है कि क्या कैलाश मकवाना को एक और सेवा विस्तार मिलेगा या मध्यप्रदेश को नया डीजीपी मिलेगा। यदि सरकार नया चेहरा चुनती है तो यह केवल पुलिस नेतृत्व का बदलाव नहीं होगा, बल्कि उसके साथ पूरे पुलिस महकमे में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक पुनर्संतुलन की शुरुआत भी होगी।

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