- सरकार की नजर रोजगार और कौशल विकास पर

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की है। स्पष्ट है कि पूरा फोकस करीब डेढ़ करोड़ युवाओं पर रहेगा, जिनकी आयु 18 से 29 वर्ष के बीच की है। 2028 में विधानसभा और इसके पांच माह बाद 2029 में लोकसभा चुनाव होंगे, जिनमें इनकी निर्णायक भूमिका रहेगी। यही वजह है कि मजबूती के साथ यह वर्ग भाजपा के साथ जुड़ा रहे, इसकी कवायद में सरकार अभी से जुट गई है। रोजगार, और कौशल विकास से युवाओं को साधने का प्रयास किया जाएगा। युवाओं को साधने के लिए उन सभी मुद्दों पर कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा, जो सीधे प्रभाषित करते हैं। प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षणे एसआइआर के बाद 18 से 29 वर्ष के एक करोड़ 35 लाख से अधिक मतदाता हैं। चुनाव से पहले इनमें 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले 15 लाख से अधिक नए मतदाता और जुड़ेंगे।
युवा ही बड़ा वोट बैंक: प्रदेश से लेकर पंचायत स्तर तक नए चेहरों को भाजपा संगठन में अवसर दिया गया है। सरकार भी यह बात जानती है कि महिला के बाद सबसे बड़ा वोट बैंक युवा ही हैं। इन्हें साधकर रखना राजनीतिक दृष्टिकोण से आवश्यक भी है, क्योंकि यही वर्ग माहौल बनाता बिगाड़ता बनाता है। यही कारण है कि भाजपा ने सत्ता-संगठन में पीढ़ी परिवर्तन करना शुरू कर दिया है। नए चेहरों को आगे बढ़ाया जा रहा है। दूसरी ओर फोकस रोजगार पर है, क्योंकि प्रदेश में युवाओं की संख्या एक करोड़ 35 लाख से अधिक है। यदि इसमें 35 वर्ष तक के मतदाताओं को शामिल कर लें तो यह संख्या सवा दो करोड़ के आसपास पहुंच जाती है। यही कारण है कि सरकार ने वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। प्रदेश में चुनाव का सिलसिला 2027 से ही प्रारंभ हो जाएगा। मई-जून में नगरीय निकाय और फिर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव होंगे। नगरीय निकाय चुनाव दलीय आधार पर होते हैं। ये चुनाव प्रदेश में राजनीतिक वातावरण बनाने का काम करते हैं। यही कारण है कि भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव की तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दी हैं।
प्रदेश में लगभग 35 लाख आकांक्षी युवा
प्रदेश में लगभग 35 लाख आकांक्षी युवा हैं। यानी जिन्होंने रोजगार के लिए अपना पंजीयन कराया है। कांग्रेस बेरोजगारी को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास करती है, क्योंकि उसे इसमें अपने लिए संभावना नजर आती है। विधानसभा के हर सत्र में रोजगार की स्थिति को लेकर प्रश्न पूछे जाते हैं। पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी सहित कई विषय युवाओं को उद्वेलित भी करते हैं। पार्टी में युवा नेतृत्व भी तैयार किया जा रहा है।
