
- उज्जैन-आगर मालवा के 11 मंदिरों के विकास पर खर्च होंगे 1100 करोड़
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को नई गति देने और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मजबूत बनाने के लिए देश में पहली बार टेंपल बॉन्ड जारी करने जा रही है। इस अभिनव वित्तीय मॉडल के जरिए उज्जैन और आगर-मालवा के 11 प्रमुख मंदिरों के विकास एवं आधुनिकीकरण पर करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की पहली बैठक में इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई। बैठक में विद्युत, वित्त, नगर एवं ग्राम निवेश तथा जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। परियोजना के लिए वित्तीय व्यवस्था तीन अलग-अलग माध्यमों से की जाएगी। पहला टेंपल बॉन्ड से। 10 वर्ष की अवधि के बॉन्ड के जरिए 200 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। दूसरा अर्बन चैलेंज फंड। केंद्र की इस योजना से 275 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। तीसरा बैंक ऋण। शेष 625 करोड़ रुपये बैंकों से ऋण के रूप में लिए जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह देश का पहला ऐसा मॉडल होगा, जिसमें निवेशकों को मिलने वाला रिटर्न और बॉन्ड की मूल राशि का भुगतान मंदिरों को मिलने वाले दान एवं अन्य आय से किया जाएगा। टेंपल बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन मंदिरों का होगा कायाकल्प
योजना के तहत उज्जैन और आगर-मालवा के प्रमुख धार्मिक स्थलों का व्यापक विकास किया जाएगा। इनमें शामिल हैं-कालभैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनी आश्रम, नवग्रह मंदिर, 84 महादेव मंदिर, अंगारेश्वर महादेव मंदिर, भूखी माता मंदिर, गढक़ालिका मंदिर, सिद्धवट और नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर।
अर्बन चैलेंज फंड की 9 परियोजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में अर्बन चैलेंज फंड के तहत प्रदेश के इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, कटनी और छिंदवाड़ा की 9 परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 3156 करोड़ रुपये है, जिनमें से 789 करोड़ रुपये अर्बन चैलेंज फंड से उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में इंदौर की अमृत 2.0 योजना के तहत सभी 85 वार्डों में जल संवर्धन और नई पानी की टंकियों के निर्माण कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूरा करने की समय-सीमा भी तय की गई।
श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी आधुनिक सुविधाएं
सिंहस्थ-2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मंदिर परिसरों में विशाल पार्किंग, पेयजल व्यवस्था, यात्री सुविधा केंद्र, सडक़ एवं पहुंच मार्गों का विकास और आधुनिक लाइटिंग की जाएगी।
हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था
जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और होटल, परिवहन, व्यापार तथा स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
अर्बन चैलेंज फंड की 9 परियोजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में अर्बन चैलेंज फंड के तहत प्रदेश के इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, कटनी और छिंदवाड़ा की 9 परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 3156 करोड़ रुपये है, जिनमें से 789 करोड़ रुपये अर्बन चैलेंज फंड से उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में इंदौर की अमृत 2.0 योजना के तहत सभी 85 वार्डों में जल संवर्धन और नई पानी की टंकियों के निर्माण कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूरा करने की समय-सीमा भी तय की गई।
