
- समान नागरिक संहिता विधेयक और अनुपूरक बजट होगा पेश
- अवैध कॉलोनियों और फायर सेफ्टी पर सरकार सख्त
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार भले ही केवल पांच दिन का होगा, लेकिन सरकार इसके दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करने जा रही है। 20 से 24 जुलाई तक चलने वाले सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी), मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026 और कॉलोनी विकास विधेयक सहित करीब 10 महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही सरकार प्रथम अनुपूरक बजट भी सदन में प्रस्तुत करेगी।
हालांकि पहले सात दिवसीय सत्र की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन जारी अधिसूचना के अनुसार विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा। सीमित अवधि के बावजूद सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय प्रस्ताव सदन के समक्ष रखने जा रही है, जिससे यह सत्र राजनीतिक और नीतिगत दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे के अनुसार, अग्निशमन एवं कॉलोनी विकास विधेयकों का प्रारूप तैयार हो चुका है और इन्हें मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। वहीं लंबे समय से चर्चा में रहे किराएदारी (रेन्टल) विधेयक को फिलहाल सरकार ने स्थगित कर दिया है, जबकि केंद्र सरकार का मॉडल एक्ट राज्य को करीब डेढ़ वर्ष पहले प्राप्त हो चुका है।
यूसीसी पर सरकार की सबसे बड़ी तैयारी
इस मानसून सत्र का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव समान नागरिक संहिता (यूसीसी) माना जा रहा है। सरकार द्वारा गठित समिति ने इसके मसौदे को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही जुलाई में यूसीसी लागू करने की मंशा जता चुके हैं, ऐसे में इसके सदन में पेश होने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।
ये प्रमुख विधेयक भी आएंगे
सरकार जिन अन्य विधेयकों को सदन में लाने की तैयारी कर रही है, उनमें शामिल हैं-भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक, अनुपूरक बजट संबंधी विनियोग विधेयक, कोचिंग संस्थान विनियमन विधेयक, पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन, वाणिज्यिक कर संबंधी विधेयक, श्रम विभाग से जुड़े संशोधन, सिंहस्थ मेला प्रबंधन संबंधी विधेयक और कॉलोनी विकास विधेयक के प्रमुख प्रावधान आदि। सरकार अवैध कॉलोनियों पर सख्ती के लिए नया कानून ला रही है। इसके प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं-कानून शहरों के साथ ग्रामीण और कैंटोनमेंट क्षेत्रों में भी लागू होगा। अवैध कॉलोनी विकसित करने पर 10 वर्ष तक की सजा और 5 करोड़ रुपये तक जुर्माना। कॉलोनाइजर को पांच वर्ष के भीतर सडक़, बिजली, पानी, सीवेज सहित सभी मूलभूत सुविधाएं विकसित करनी होंगी। सभी कॉलोनियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। खरीदार ऑनलाइन यह देख सकेंगे कि कॉलोनी वैध है या अवैध। अवैध कॉलोनी हटाने के लिए 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। पालन नहीं होने पर निकाय कॉलोनी हटाकर भूमि अपने कब्जे में ले सकेगा। जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, पार्षद और सरपंच सहित संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। कार्रवाई में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।
नया फायर एक्ट में दमकल विभाग को मिलेंगी अधिक शक्तियां
प्रस्तावित मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026 में फायर विभाग को व्यापक अधिकार दिए गए हैं। मुख्य प्रावधान- फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं लेने पर 5 लाख रुपये तक जुर्माना। नियमों का पालन नहीं करने पर 10 हजार रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त दंड। आग बुझाने में बाधा बनने वाली इमारतों को तोडऩे का अधिकार। बिना अनुमति निजी परिसरों में प्रवेश कर राहत एवं बचाव कार्य करने की अनुमति। निजी जलस्रोतों से भी आग बुझाने के लिए नि:शुल्क पानी लेने का अधिकार। आग से प्रभावित आसपास की संपत्ति के नुकसान की भरपाई संबंधित संपत्ति मालिक करेगा। झूठी आग की सूचना देने पर 20 हजार रुपये तक जुर्माना। प्रति आवासीय इकाई 180 रुपये वार्षिक फायर टैक्स, जबकि व्यावसायिक संपत्तियों पर इसके अतिरिक्त संपत्ति कर का 10 प्रतिशत फायर टैक्स प्रस्तावित है।
अनुपूरक बजट भी होगा पेश
सरकार मानसून सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट भी पेश करेगी। वित्त विभाग पहले ही सभी विभागों को निर्देश दे चुका है कि नए वाहनों की खरीद अथवा नई योजनाओं के प्रस्ताव शामिल नहीं किए जाएंगे। केवल वही प्रस्ताव बजट में लिए जाएंगे, जिन्हें राज्य की आकस्मिक निधि से पहले ही अग्रिम स्वीकृति मिल चुकी है।
