
- निगम-एनआईयूए के बीच एमओयू
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ती गर्मी से शहर को सुरक्षित बनाने की दिशा में भोपाल ने बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम भोपाल और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (एनआईयूए) के बीच शुक्रवार को अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव को कम करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन और एनआईयूए की निदेशक डॉ. डेबोलिना कुंडू ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। यह परियोजना केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अमृत 2.0 सुधार योजना के तहत देश के 12 चयनित शहरों में लागू की जा रही है। परियोजना के तहत भोपाल नगर निगम को 5 करोड़ रुपए का अनुदान मिलेगा। 15 माह में पूरी होने वाली इस योजना के तहत सैटेलाइट डेटा और आधुनिक तकनीक से शहर के उन इलाकों की पहचान की जाएगी, जहां सामान्य से अधिक तापमान दर्ज होता है। इन हीट हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
संवेदनशील बस्तियों में होंगे खास इंतजाम
योजना में आर्थिक रूप से कमजोर और संवेदनशील बस्तियों के लोगों को लू से बचाने के लिए विशेष प्रबंध, इमारतों पर कूल रूफ तकनीक, हरित क्षेत्र बढ़ाने, छायादार सार्वजनिक स्थान विकसित करने और जल स्रोतों के संरक्षण जैसे कार्य शामिल हैं। साथ ही नागरिकों को गर्मी से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। नगर निगम इस परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा जो सर्वे, योजना के क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे। परियोजना के अंतर्गत भोपाल के लिए दीर्घकालिक हीट रेजिलिएंट सिटी फ्रेमवर्क भी तैयार किया जाएगा।
