जेल जाने को तैयार, सरकार से हिसाब पूछते रहेंगे: पटवारी

पटवारी
  • अब तो मैं शराब भी नहीं पीता, पीसीसी चीफ का भाई होना मेरी गलती: नाना

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। दिन भर पुलिस कस्टडी में रहकर रात को घर पहुंचे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई ने मीडिया को अपना दुख सुनाते हुए कहा है कि पीसीसी चीफ का भाई होना ही मेरी गलती है।
जिन लोगों के नाम लेकर मुझे दिन भर हिरासत में रखा गया था, उनसे मेरा कोई संपर्क नहीं है। मैं तीन साल पहले ड्रग्स लेता था, अब तो शराब भी नहीं पीता। वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पटवारी ने इस पूरे मामले में राच्य सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा है कि विपक्ष के नेता के रूप में सवाल पूछना मेरा अधिकार है। सरकार जितनी चाहे यातनाएं दे, मैं और मेरा पूरा परिवार जेल जाने को भी तैयार है, लेकिन प्रदेश की जनता से जुड़ा हर हिसाब सरकार से बार-बार पूछता रहूंगा। पटवारी के भाई नाना को ब्राउन शुगर सप्लाई से जुड़े मामले में दिन भर हिरासत में रखने के बाद रात को छोड़ देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पटवारी ने इंदौर में मीडिया से चर्चा में अपनी बात कही तो उनके भाई ने भी गुरुवार को मीडिया को बुलाकर गुरुवार की पूरी घटना बताई। कांग्रेस अब इस मामले को लेकर भी सरकार से सीधे टकराव का मूड बना चुकी है। दोनों भाइयों ने मीडिया से अलग-अलग चर्चा कर इसे राजनीतिक द्वेष और प्रतिशोध का मामला बताया। पटवारी के छोटे भाई नाना ने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि वह 3 साल पहले तक ड्रग्स का लेता था, लेकिन नशा मुक्ति सेंटर में इलाज के बाद नशा पूरी तरह छोड़ दिया है। नाना ने कैमरों के सामने कहाकि अब मेरी केवल इतनी गलती है कि मैं जीतू का भाई हूं। नाना का कहना है कि जिन लोगों के बयान के आधार पर मुझे हिरासत में लिया गया था, उनसे मेरा कोई संबंध या लेन-देन नहीं है।
यह है मामला
गुरुवार को इंदौर के राजेंद्र नगर पुलिस ने रेतमंडी चौराहा स्थित डी मार्ट के पास से इरफान खान उर्फ गोलू चंदेरी और संजय कौशल उर्फ रॉनी को गिरफ्तार किया था। उनके पास से करीब 10 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। डीसीपी ने बताया था कि दोनों ने पूछताछ में नाना पटवारी और मानव गंगवानी का नाम लिया। इसके बाद नाना और मानव को हिरासत में लेकर पूछताछ कर छोड़ दिया गया। मामले की जांच की जा रही है। कॉल डीटेल व अन्य सबूतों में कोई संपर्क मिलेगा तो आगे कार्रवाई की जाएगी। पटवारी के भाई नाना पर पहले भी नौ प्रकरण दर्ज हैं। पीसीसी चीफ ने इन सभी को राजनीतिक प्रदर्शनों से जुड़ा बताया है।
प्रदेश में बदले की राजनीति
पीसीसी चीफ पटवारी ने मीडिया को बयान देते हुए कहाकि सत्ता का ऐसा दुरुपयोग प्रदेश में कभी नहीं हुआ। विपक्ष को निशाना बनाकर यातनाएं दी जा रही है। प्रदेश में बदले की राजनीति कभी नहीं रही। मेरी सरकार से अपील है कि बदले का प्रदेश न बनाएं। पटवारी ने कहाकि मैंने एक दिन पहले ही सरदार सरोवर समझौते पर सवाल उठाए, अगले दिन मेरे भाई को ड्रग्स तस्करी के मामले में उठा लिया। 15 जुलाई को मैं साइक्लोथॉन में व्यस्त हूं, लेकिन उसी दिन मुझे पेश होने का नोटिस भेजा गया है। उन्होंने कहाकि मेरे परिवार और आसपास के लोगों को नोटिस दिया गया है, कॉलोनी को अवैध बताया गया है। जबकि बैंक से लोन है मकान पर, अधिकांश कॉलोनीवासियों के मकान लोन से बने हैं। फिर भी अवैध कॉलोनी बताई जा रही है। मेरे वेयरहाउस का मामला भी सबको पता है।

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