- आईएएस अधिकारियों से मांगी गई 3 साल की सर्विस हिस्ट्री, वेतन-भत्तों और अवकाश का पूरा ब्योरा
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के सेवा अभिलेखों को व्यवस्थित और अद्यतन करने के लिए बड़ा प्रशासनिक अभियान शुरू किया है। अब प्रदेश के सभी आईएएस अधिकारियों को पिछले तीन वर्षों की अपनी पूरी सेवा जानकारी, वेतन, भत्तों, कटौतियों और अवकाश का विस्तृत ब्यौरा सरकार को देना होगा। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों (एचओडी) को निर्देश जारी करते हुए निर्धारित प्रारूप में जानकारी 10 दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है।
सरकार की इस कवायद का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों की सेवा संबंधी जानकारी को डिजिटल और व्यवस्थित रूप से संकलित करना है, ताकि भविष्य में सेवानिवृत्ति के समय पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य वित्तीय लाभों के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो। अक्सर देखा गया है कि रिटायरमेंट के बाद कई अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवा अभिलेखों में त्रुटियों या अपूर्ण जानकारी के कारण महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। सरकार अब ऐसी स्थितियों से बचने की तैयारी कर रही है।
तीन साल की पूरी सर्विस हिस्ट्री देनी होगी
सामान्य प्रशासन विभाग ने 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि के लिए एक विस्तृत प्रारूप तैयार किया है। इसके तहत आईएएस अधिकारियों को बताना होगा कि बीते तीन वर्षों में वे किस अवधि में किस जिले, विभाग, निगम, मंडल या अन्य कार्यालय में पदस्थ रहे। इसके अलावा प्रत्येक अधिकारी को यह जानकारी भी देनी होगी कि उन्हें हर महीने कितना मूल वेतन मिला, कौन-कौन से भत्ते दिए गए और उनके वेतन से कितनी राशि भविष्य निधि (पीएफ), आयकर या अन्य मदों में काटी गई। यह पहली बार है जब इतनी व्यापक और विस्तृत वित्तीय तथा सेवा संबंधी जानकारी एक साथ संकलित की जा रही है। इससे सरकार के पास अधिकारियों की संपूर्ण सेवा प्रोफाइल एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगी।
अवकाश का भी देना होगा पूरा हिसाब
सरकार ने केवल वेतन और पदस्थापना की जानकारी तक ही सीमित नहीं रखा है। अधिकारियों को पिछले तीन वर्षों के दौरान लिए गए सभी प्रकार के अवकाशों का विस्तृत ब्यौरा भी देना होगा। इसमें ईएल, अर्ध वेतन अवकाश, अध्ययन अवकाश, मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश, चिकित्सा अवकाश और अन्य स्वीकृत छुट्टियों की जानकारी शामिल होगी। साथ ही अवकाश अवधि में प्राप्त वेतन और भत्तों का विवरण भी देना अनिवार्य किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह जानकारी भविष्य में सेवा सत्यापन और पेंशन निर्धारण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने में सहायक होगी।
21/06/2026
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