संगठनात्मक अनुशासन पर भाजपा का जोर

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  •  प्रशिक्षण वर्गों में लापरवाही पर फटकार

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंडल और जिला प्रशिक्षण वर्गों की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशिक्षण वर्गों में अपेक्षित संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति पर संगठन ने नाराजगी जताई। साथ ही प्रशिक्षण वर्गों के आय-व्यय और व्यवस्थाओं का लेखा-जोखा भी लिया गया।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई जिलों ने प्रशिक्षण वर्ग समाप्त होने के बाद भी ऑनलाइन उपस्थिति पत्रक नहीं भेजे। वहीं प्रति प्रतिभागी 100 रुपये की निर्धारित राशि भी कई जिलों द्वारा ऑनलाइन जमा नहीं कराई गई। इस पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने असंतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं होने की हिदायत दी। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, गुजरात भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री रत्नाकर, पश्चिम-मध्य क्षेत्र के प्रशिक्षण अभियान प्रभारी केसी पटेल और प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के संयोजक विजय दुबे सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रशिक्षित कार्यकर्ता भाजपा की ताकत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही भाजपा की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा गंभीरता और प्रभावी ढंग से आयोजित प्रशिक्षण वर्ग आने वाले वर्षों में पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में भाजपा और एनडीए की सरकारें जनता के विश्वास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का परिणाम हैं।
1,313 मंडलों में सफलतापूर्वक हुए प्रशिक्षण वर्ग
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश के सभी संगठनात्मक जिलों और 1,313 मंडलों में शत-प्रतिशत प्रशिक्षण वर्ग सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण भाजपा की सतत कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका लाभ तभी मिलेगा जब कार्यकर्ता इसे अपने व्यवहार और कार्यशैली में उतारेंगे।
दैनिक जीवन में दिखनी चाहिए प्रशिक्षण की सीख
प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण वर्गों में प्राप्त अनुभव और सीख कार्यकर्ताओं के दैनिक जीवन और व्यवहार में दिखाई देनी चाहिए। वहीं क्षेत्रीय प्रभारी केसी पटेल ने मध्यप्रदेश के प्रशिक्षण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि सात राज्यों वाले पश्चिम-मध्य क्षेत्र में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है और शीर्ष नेतृत्व ने भी इसकी प्रशंसा की है। बैठक में आगामी जुलाई माह में प्रस्तावित कोर कमेटी बैठकों में प्रशिक्षण वर्गों की विस्तृत समीक्षा और उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के सुझावों पर चर्चा करने का निर्णय लिया गया।

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