इजराइल में 3500 पदों पर भर्ती, प्रदेश के 10 हजार युवा लाइन में

पदों पर भर्ती
  • युवाओं में इजरायल जाकर काम करने की होड़…

    भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। ईरान के साथ युद्ध में उलझे होने के बाद भी प्रदेश के युवाओं इजरायल जाकर काम करने की होड़ लगी है। इजरायल में होम-बेस्ड केयरगिवर के 3,500 पदों के लिए राज्य से ही अब तक 10 हजार से अधिक आवेदन भरे जा चुके हैं। बड़ी संख्या में आए इन आवेदनों ने फिलहाल केंद्र के साथ ही प्रदेश सरकार के कौशल विकास विभाग की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केंद्रीय कौशल विकास विभाग ने साफ कर दिया है कि संबंधित प्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ही इन आवेदनों की छंटनी कर कैंडिडेट को शॉर्टलिस्ट करेंगे। ये आवेदन राज्य के अलग-अलग जिला रोजगार कार्यालयों के जरिए भरे गए हैं। एमपी में स्थानीय स्तर पर आवेदनों की पात्रता जांचना स्टाफ की कमी की वजह से मुश्किल है। यह प्रोसेस 26 जून से पहले पूरी करनी है।
    जोखिम पर भारी पड़ रहा लुभावना वेतन
    इस भर्ती में करीब 1.99 लाख रुपये प्रति माह का जो वेतन पैकेज दिया जा रहा है, उसने युवाओं को अधिक आकर्षित किया है। भोपाल से आवेदन भरने वाले युवा हेमंत गुप्ता और सूरज रघुवंशी के अनुसार, इजरायल के मौजूदा हालात और सुरक्षा को लेकर सवाल से ज्यादा अहम विदेश में जाकर रोजगार हासिल करना है। इससे न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि भविष्य के रास्ते भी खुल जाएंगे। इस भर्ती के लिए 25 से 45 वर्ष के ऐसे युवाओं से आवेदन मांगे गए हैं जो कम से कम दसवीं पास हैं और उन्होंने केयरटेकर के तौर पर लगभग 990 घंटे या अधिक का प्रशिक्षण ले रखा है। इसके अलावा एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग और फिजियोथेरेपी डिप्लोमा भी मान्य है। दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन के बाद इन आवेदकों का ऑनलाइन इंटरव्यू होगा। हालांकि, इजराइल में पहले काम कर चुके या जिनके परिजन पहले से वहां हैं, वे इन पदों के लिए आवेदन नहीं कर सकते। आवेदन के लिए एक शर्त यह भी है कि किसी भी स्थिति में आवेदक की लंबाई 1.5 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए।
    यूपी से भी आए हजारों आवेदन
    मप्र ही नहीं, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी युवाओं की भारी तादाद इजरायल के लिए कतार में है। केंद्र सरकार के साथ हुए इंडिया-इजराइल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के बाद राच्य सरकारों ने इन पदों को भरने के लिए व्यवस्था तो की, लेकिन जमीनी स्तर पर मामला उलझ गया। इस मामले पर न तो जिला रोजगार अधिकारी कुछ कह रहे हैं और न ही प्रदेश के कौशल विकास विभाग से जुड़े अफसर। नियम के अनुसार, इजरायल जाने वाले युवाओं को मुफ्त में ही आवास एवं भोजन सुविधा के साथ चिकित्सा बीमा का भी लाभमिलेगा। सप्ताह में छह दिन काम के अलावा उन्हें सालाना 09 दिनों का अवकाश तथा 16 दिनों की एनुअल लीव भी दी जाएगी।

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