
मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या बढ़कर 53 पहुंच गई है। इनमें 33 चीते भारत में जन्मे हैं। कूनो और गांधी सागर अभयारण्यों में लगातार बढ़ रहे चीदा कुनबे के बीच अब सरकार प्रदेश में गैंडा लाने की तैयारी भी कर रही है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस पर आईआईएफएम में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि मध्यप्रदेश देश में वन्यजीव संरक्षण का सबसे बड़ा मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को टाइगर स्टेट, लेपर्ड स्टेट, चीता स्टेट, वल्चर स्टेट और घड़ियाल स्टेट जैसी पहचान मिली है। कूनो नेशनल पार्क में इस साल 18 नए शावकों का जन्म हुआ है। सरकार अब जंगलों और राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर भी विकसित कर रही है, ताकि घायल वन्यजीवों को तुरंत इलाज मिल सके। कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि जैव-विविधता भारतीय सभ्यता की आत्मा है। उन्होंने मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण, घड़ियाल संरक्षण और जंगली भैंसों के पुनर्वास के कामों की सराहना की। इस दौरान एबीएस एंड-टू-एंड वेब पोर्टल लॉन्च किया गया। जैव-विविधता रिपोर्ट-2026, चीता संरक्षण ब्रोशर और 5 रुपए का विशेष डाक टिकट भी जारी किया गया।
