- मोहन कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें शुरू, मॉनसून सत्र के पहले होगा कैबिनेट का विस्तार

गौरव चौहान
मप्र की मोहन कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें शुरू हो गई हैं। 13 जून को मोहन सरकार के ढाई साल पूरे हो जाएंगे। इससे पहले मप्र कैबिनेट में फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि दो दिन तक मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की जा रही है। इस परफॉर्मेंस रिव्यू और रिपोर्ट कार्ड के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले कुछ मंत्रियों की छुट्टी की जा सकती है या उनके विभाग बदले जा सकते हैं। कुछ नए-नए चेहरों को मौका भी मिल सकता है। वर्तमान में मप्र कैबिनेट में चार पद खाली हैं। जिन मंत्रियों का परफॉर्मेंस और संगठन के साथ तालमेल बेहतरीन पाया जाएगा, उन्हें कैबिनेट विस्तार में बड़ी जिम्मेदारी या बड़े विभाग मिल सकते हैं।
भाजपा सूत्रों का कहना है हि इस रिव्यू के आधार पर जुलाई में होने वाले मानसून सत्र से पहले मोहन कैबिनेट में बदलाव किया जा सकता है। वर्तमान कैबिनेट में से कुछ को हटाया जा सकता है। संभावना है कि इस लिस्ट में एक-दो वरिष्ठ मंत्रियों का नाम हो सकता है। उनकी जगह पर नए चेहरों को मोहन कैबिनेट में मौका मिलेगा। मप्र में सीएम मोहन यादव को लेकर कुल 31 मंत्री हैं। अभी चार पद खाली हैं। वहीं, कैबिनेट विस्तार की अटकलें पिछले कई महीनों से है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ली थी। इसी दिन छत्तीसगढ़ में भी सीएम ने शपथ ली थी। पिछले साल अगस्त में छत्तीसगढ़ कैबिनेट का विस्तार हुआ है। गुजरात में भी हुआ है। वहीं, 10 मई को यूपी में कैबिनेट का विस्तार हुआ है। अब बारी मप्र की है।
इन लोगों को मिल सकता है मौका
वहीं, जिन लोगों को कैबिनेट में शामिल किए जाने की आशंका है, उनमें कुछ पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। ये पिछले ढाई साल से किसी पद के इंतजार में बैठे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह फेरबदल बिल्कुल सही समय पर हो रहा है। क्योंकि नए मंत्रियों को 2028 के चुनावों से पहले काम करने के लिए पूरे दो साल का समय मिल जाएगा। जानकारी के अनुसार, मंत्रियों से प्रश्न का एक पत्रक भरवाकर मंगवाया गया था, इसी आधार पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनसे सवाल-जवाब किए। मुख्यमंत्री सचिवालय ने भी विभागवार रिपोर्ट तैयार की है। इसके अलावा मंत्रियों से यह भी पूछा गया कि उनके प्रभार वाले जिले में विभिन्न विभागों की अशासकीय समितियों का गठन कितना पूरा हो चुका है। कौन-कौन सी समितियां बन चुकी हैं, कितनी बाकी हैं, और जिनका गठन हो चुका है उनकी कार्यप्रणाली कैसी चल रही है इसकी जानकारी ली गई।
मैराथन बैठक में सत्ता-संगठन ने की चर्चा
दो दिनों तक चलने वाली बैठक के पहले दिन रविवार को शासकीय अवकाश के दिन समत्व भवन में दोपहर एक बजे से शुरू हुई बैठक देर रात तक चली। पार्टी संगठन और सरकार की इस संयुक्त समीक्षा बैठक में मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन और संगठन समन्वय पर बात की गई। इसके साथ ही पार्टी संगठन द्वारा सौंपे गए कार्यों की समीक्षा भी हुई। विभागीय योजनाओं की प्रगति, संगठन के साथ तालमेल और चुनाव में कमजोर रही सीटों पर क्या प्रयास किए गए इन तमाम बिंदुओं की समीक्षा की गई। संगठन ने भी मंत्रियों से प्रश्न किए हैं। इसमें मंत्रियों की स्वयं की विधानसभा सीट, उनके गृह जिले और प्रभार वाले जिले की राजनीतिक क्या स्थिति है। आगामी नगर पालिका और ग्राम पंचायत चुनावों को लेकर मंत्रियों की क्या तैयारियां हैं। मुख्यमंत्री द्वारा संकल्प बिंदु की वर्तमान स्थिति, कितने पूरे हुए और बाकी कितने बचे हैं। राज्य मंत्रियों के साथ मंत्रियों के कार्य विभाजन स्थिति की जानकारी भी ली गई। बता दें कि अगले माह 13 जून को मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को ढाई साल पूरे हो रहे हैं। इससे पहले ली गई इस बैठक को संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल से जोड़कर भी देखा जा रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री आवास में हुई मंत्रियों की वन-टू-वन बैठक की जानकारी में बताया कि 20 मंत्रियों के साथ वन टू वन चर्चा की। बैठक में मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में उनके प्रवास, संगठनात्मक कार्यक्रमों में भागीदारी और संगठन से समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन की रचना, बैठकों की नियमितता और संगठन के साथ मंत्रियों के तालमेल पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिलों में स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी सहित प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। सरकार की योजनाओं और नीतियों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव है, इस पर मंत्रियों से फीडबैक लिया गया।
बैठक में शामिल हुए ये मंत्री
वन-टू-वन बैठक में मंत्रियों को अलग-अलग समय दिया गया था, कुछ दोपहर में तो कुछ मंत्री शाम में मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सबसे पहले पहुंचे। इसके बाद जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर, स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पहुंचे। बाद में खेल व सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, मत्स्य पालन राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री गौतम टेटवाल पहुंचे। मंत्री संपतिया उइके, कैलाश विजयवर्गीय, निर्मला भूरिया, लखन पटेल, दिलीप जायसवाल देर शाम करीब छह बजे के बाद मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। बताया जा रहा है कि उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा लू लगने से अचानक बीमार होने की वजह से बैठक में नहीं आ सके। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर शाम करीब पांच बजे ई-स्कूटी से बिना किसी पायलट और फॉलो वाहन के जब मुख्यमंत्री आवास पहुंचे तो हेलमेट लगाए मंत्री को गेट पर मुख्यमंत्री आवास के सुरक्षाकर्मी पहचान नहीं पाए। स्कूटी चला रहे पीएसओ द्वारा बताने पर उनके लिए गेट खोला गया, तब वे अंदर जा सके।
जनहित से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा
गेहूं खरीदी सहित विभिन्न जनहित से जुड़ी योजनाओं की प्रगति और जिलों में उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। चुनाव के समय जनता से किए गए वादों पर सरकार की प्रगति का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रियों से विभागों की उपलब्धियों और अब तक किए गए कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षाओं के अनुसार पेट्रोल-डीजल की बचत और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग पर जोर दिया गया। इसको लेकर वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। वन-टू-वन बैठक के बाद कोर कमेटी की बैठक भी मुख्यमंत्री आवास वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। इसमें 15 सदस्य शामिल हुए। बैठक में संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर कार्यों को अधिक प्रभावी और समन्वित बनाने पर जोर दिया गया। जिन मंत्रियों से आज चर्चा नहीं हो सकी है, उनके साथ सोमवार को इन सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी।
निगम अध्यक्षों का प्रशिक्षण आज
मुख्यमंत्री ने सोमवार को सभी नवनियुक्त निगम-मंडल अध्यक्षों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया है। इस प्रशिक्षण में जनता से बेहतर संवाद, व्यवहार और संगठनात्मक अनुशासन को लेकर मार्गदर्शन दिया जाएगा। संगठन से जुड़े विषयों पर मैं और पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारी संवाद करेंगे। सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल और कार्यशैली पर लगातार फोकस किया जा रहा है।
