- सरकारी विभागों, निगम-मंडलों के कर्मचारियों को प्रमोशन की आस से पहले लिस्ट का इंतजार

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रदेश के सरकारी विभागों, निगम-मंडलों और उपक्रमों में से अधिकांश ने अब तक पदक्रम सूची ही जारी नहीं की है। नियम के अनुसार 1 अप्रैल 2024 को इन सूचियों को जारी कर दिया जाना चाहिए था, ताकि प्रदेश के हर कर्मचारी को अपने विभाग में खुद की सीनियरिटी और अन्य जानकारी मिल सके। इसके बाद भी प्रदेश के सात लाख में से लगभग पांच लाख से अधिक कर्मचारी अब तक ग्रेडेशन लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं। कई विभागों ने जहां अंतरिम लिस्ट जारी कर दावे और आपत्तियां बुलाई है, वहीं कुछ विभाग तो ऐसे भी हैं, जहां लिस्ट बनाने का काम ही शुरू नहीं हुआ है।
सूची के आधार पर ही तय होगा प्रमोशन का दायरा
इस साल कर्मचारियों को उम्मीद है कि प्रमोशन को लेकर अदालती विवाद का दौर खत्म हो जाएगा। इसके बाद प्रदेश में पदोन्नति की राह खुल सकती है। इस लिहाज से 2026 की ग्रेडेशन लिस्ट को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके आधार पर ही यह पता चलेगा कि कौन सा कर्मचारी कितना सीनियर है और उसका नंबर प्रमोशन के लिए कब आएगा। अगर आरक्षण का मुद्दा इस साल निपट जाता है, तो 2026 की ये सूचियाँ ही तय करेंगी कि किसका प्रमोशन होगा और किसका नहीं। ऐसे में अब सरकारी विभागों के कर्मचारी परेशान हैं क्योंकि विना लिस्ट के उन्हें यह पता ही नहीं चल पा रहा है कि विभाग में उनकी सीनियरिटी क्या है।
विभागों में ये हैं हालात
स्कूल शिक्षा विभाग: उच्च श्रेणी शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक की अंतरिम पदक्रम सूची जारी की, 8 जून तक दावे-आपत्ति बुलाए। प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक आदि की ग्रेडेशन लिस्ट अब तक जारी नहीं हुई।
राजस्व विभाग: अब तक ग्रेडेशन लिस्ट फाइनल नहीं की।
कृषि विभाग: सीनियरिटी लिस्ट जारी नहीं हो पाई है, जबकि मंडी बोर्ड में 2025 तक की ग्रेडेशन लिस्ट जारी हुई है।
जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई): यहां भी पदक्रम सूची जारी नहीं हो पाई है, पिछले साल की सूची के आधार पर नई लिस्ट बन रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग एवं सामाजिक न्याय विभाग: अब तक पदक्रम सूची तैयार नहीं कर पाए हैं।
स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग: कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों के संवर्ग की सूची जारी की गई है, जबकि शेष का काम जारी है। आयुष विभाग से फिलहाल पदक्रम सूची को लेकर कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।
उच्च शिक्षा विभाग: प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर की ग्रेडेशन लिस्ट पहले से विवादों में है क्योंकि इसे 2012 के आधार पर तैयार किया गया था। इसमें सुधार किया जाएगा। तकनीकी शिक्षा विभाग में भी ग्रेडेशन लिस्ट नहीं बन पाई है।
गृह विभाग: इसके अधीन पुलिस के एक लाख 60 हजार से अधिक अफसर-कर्मचारी आते हैं। इनकी पदक्रम सूची लगभग तैयार है, जल्द जारी होगी।
आईएएस और आईपीएस: इनकी पदक्रम सूचियां जारी हो चुकी हैं।
