सरकारी भर्ती में मिलेगा 50 प्रतिशत आरक्षण

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  • प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश सरकार ने संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी विभागों में काम कर रहे संविदा कर्मचारियों को सरकारी भर्तियों में 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। सरकार ने इसके लिए सेवा नियमों में बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार, जो संविदा कर्मचारी कम से कम एक वर्ष लगातार काम कर चुके हैं, वे नियमित भर्ती के समय इस आरक्षण का लाभ ले सकेंगे। हालांकि, यह फायदा सिर्फ पहली नियमित नियुक्ति के समय ही मिलेगा। सरकार ने साफ किया है कि भर्ती प्रक्रिया पहले की तरह पारदर्शी और प्रतियोगी ही रहेगी। यानी चयन के नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी। संविदा कर्मचारियों को उम्र में भी छूट मिलेगी। उनकी सेवा के वर्षों के आधार पर अधिकतम उम्र सीमा 55 साल तक रखी गई है, लेकिन यह लाभ तभी मिलेगा जब वे उसी विभाग में आवेदन करेंगे, दूसरे विभाग में नहीं।  इसके अलावा एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के लिए पहले से लागू आरक्षण नियम पहले की तरह जारी रहेंगे। जरूरत पडऩे पर बैकलॉग पदों को नियम के अनुसार डी-रिजर्व भी किया जा सकता है। संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा कि वे कई वर्षों से 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे थे। अब सरकार के इस फैसले से उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।
विभागों में हो रही थी लापरवाही
यह प्रविधान संविदा नीति में तो पहले ही कर दिया गया था लेकिन विभागों ने भर्ती नियमों में संशोधन नहीं किया। अब नियम संशोधित कर लागू किए जा रहे हैं। संविदा नीति में संशोधन वर्ष 2023 में किया गया। इसमें ही यह प्रविधान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर किया गया था। विधानसभा चुनाव के बाद इस नियम को लागू करने में अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई। इसके कारण मामला टलता गया और कर्मचारियों में रोष बढ़ता गया। मप्र संविदा कर्मचारी-अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि वर्ष 2018 की संविदा नीति में 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान था जिसे स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की भर्ती में नहीं दिया। कई मामले न्यायालय पहुंचे। इसमें विभागीय अधिकारी यह जवाब नहीं दे पाए कि उन्होंने पद आरक्षित कर लाभ क्यों नहीं दिया। अब विभाग ने गलती सुधारी है। यह प्रविधान किया गया है कि जिन संविदा कर्मचारियों ने पांच साल निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें नियमित भर्ती के समय लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा
घोषणाओं को पूरा कराने के लिए संविदा कर्मचारियों का भोपाल में महासम्मेलन बुलाया गया। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि सभी प्रविधानों को लागू कराया जाएगा। यदि किसी प्रविधान को लेकर समस्या है तो संगठन के पदाधिकारी, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी बैठकर उसका रास्ता निकालेंगे। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने पत्र जारी कर सभी विभागाध्यक्षों से संविदा नियम के क्रियान्वयन का फीडबैक मांगा। इसमें पूछा गया कि किसने नियम लागू किए और किसने नहीं। जहां लागू नहीं हुए, उसके कारण क्या रहे। विभागों को स्पष्ट रूप से कह दिया गया है कि सरकार ने जब निर्णय ले लिया है तो फिर सेवा भर्ती नियम में संशोधन किए जाएं। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसमें पहल की और नियम संशोधित कर अधिसूचित कर दिए।

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