
- मेंटेनेंस और सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल…
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश सरकार ने बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार समिति पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी। समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव (गृह) करेंगे, जबकि महानिदेशक होमगार्ड एवं पर्यटन विभाग के सचिव और जबलपुर संभाग के आयुक्त इसके सदस्य होंगे। समिति को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। क्रूज के डूबने का कारण प्राथमिक जानकारी के अनुसार हादसा तेज हवा और आंधी के कारण होना माना जा रहा है, जिससे क्रूज असंतुलित हो गया और यात्री एक तरफ इक_ा हो गए, जिसके चलते क्रूज पलट गया और डूब गया। हालांकि सही कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।
क्या जांच करेगी समिति?: समिति हादसे के कारणों की गहराई से जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही क्रूज संचालन के दौरान सुरक्षा नियमों और नागरिक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी जांच होगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सुझाव दिए जाएंगे।
13 लोगों की मौत: इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की जान गई, जिनमें 8 महिलाएं, 4 बच्चे और 1 पुरुष शामिल हैं। बता दें क्रूज हादसे के बाद कई खुलासे हो रहे हैं। इसमें गंभीर लापरवाही ी सामने आ रही हैं, जैसे बिना बीमा और पर्यावरणीय अनुमति के क्रूज का संचालन तथा किसी आपात स्थिति में रेस्क्यू के पर्याप्त इंतजाम नहीं होना। सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
मेंटेनेंस के 38 लाख रुपये आखिर कहां गए?
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल क्रूज के मेंटेनेंस पर उठ रहा है। पर्यटन निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2024 में ही इस क्रूज का मीडियम री-फिट किया गया था, जिस पर करीब 38 लाख रुपये खर्च हुए थे। दावा किया गया था कि इंजन, शॉफ्ट और हल समेत 17 तकनीकी बदलावों के बाद क्रूज की उम्र 10 साल बढ़ गई है। विशेषज्ञों का पूछना है कि यदि क्रूज अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप री-फिट हुआ था, तो हाल ही में उसका इंजन कैसे फेल हो गया? क्या मेंटेनेंस के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति और भ्रष्टाचार किया गया?
