
- केंद्रीय मंत्री शिवराज ने गेहूं खरीदी में गड़बड़ी पर दिखाई सख्ती
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गेहूं उपार्जन में गड़बड़ी और लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जा रही है और दोषियों पर सीधे कड़ा एक्शन लिया जा रहा है। विदिशा संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास जिलों में चल रही गेहूं खरीदी की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर सर्वेयर्स की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों की जांच के बाद 34 सर्वेयर्स को हटाया गया है, जबकि विदिशा जिले में दो सर्वेयर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
चौहान ने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों पर पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं भी गड़बड़ी सामने आती है, तो जिम्मेदारों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों की मेहनत का पूरा मूल्य मिले। ‘किसानों के खून-पसीने से उपजा एक-एक दाना खरीदा जाएगा,’ उन्होंने दोहराया। इसके लिए खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है और निगरानी भी बढ़ाई गई है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पहले स्लॉट बुकिंग और सत्यापन से जुड़ी कुछ समस्याएं सामने आई थीं, लेकिन अब उन्हें काफी हद तक दूर कर लिया गया है। साथ ही, किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम बनाने का निर्णय लिया गया है, ताकि समस्याओं का तुरंत निराकरण हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा रहा है और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार निगरानी रखें और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दें।
किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि खरीद केंद्रों पर तुलाई क्षमता बढ़ाकर अब प्रतिदिन 2250 क्विंटल तक कर दी गई है, साथ ही कांटों की संख्या भी बढ़ाई गई है। बारदानों की कमी की दूर करते हुए अगले तीन दिनों के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त बारदाने उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्लॉट बुकिंग, कांटे और बारदानों से जुड़ी सभी प्रमुख समस्याओं का समाधान हो चुका है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर खरीदी कार्य तेज गति से जारी है। किसानों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि किसी भी व्यक्तिगत समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
भोपाल में बारिश से खरीदी केंद्रों पर भीगा गेहूं
भोपाल में शनिवार को हुई तेज बारिश के कारण खरीदी केंद्रों पर गेहूं बेचने पहुंचे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। कई केंद्रों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखा ठगेहूं भीग गया। हालांकि किस केंद्र पर कितना गेहूं खराब हुआ. इसकी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। किसानों का आरोप है कि सरकार ने खरीदी देर से शुरू की और शुरुआत में 2 हेक्टेयर से अधिक जमीन वाले किसानों के लिए स्लॉट भी नहीं खोले गए। अब स्लॉट खुलने के बावजूद समय पर तुलाई नहीं हो पा रही, जिससे किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। बारिश के दौरान कई किसानों ने तिरपाल डालकर गेहूं बचाने की कोशिश की, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से नुकसान हुआ। किसानों ने मांग की है कि खरीदी केंद्रों पर बेहतर इंतजाम किए जाएं और भीगे गेहूं को भी समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए। मप्र में अभी तक 6 लाख 91 हजार किसानों से 34 लाख 73 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। अभी तक 14 लाख 64 हजार किसानों की ओर से गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूं उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया।
