
- मुख्यमंत्री ने की मुख्य सचिव से चर्चा…
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। राज्य सरकार मंत्रालय स्तर पर जल्द ही बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर सकती है। जिसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच मंत्रणा हो चुकी है। इस फेरबदल में बड़े विभागों को स्थाई अधिकारी मिलेंगे, तो कुछ विभागों में वर्षों से पदस्थ अधिकारियों को दूसरी जवाबदारी सौंपी जा सकती है। प्रशासनिक लॉबी से जुड़े सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जबलपुर के बरगी जाने के पहले मंत्रालय स्तर पर बड़े फेरबदल को लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन से चर्चा की है। इसमें ऐसे विभागों में स्थायी अधिकारियों की पदस्थापना करने पर विचार विमर्श किया गया है, जहां पर पदस्थ अधिकारियों के पास दो से तीन विभागों का अतिरिक्त प्रभार है। इनमें गृह विभाग भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला के पास गृह विभाग के अलावा पर्यटन, संस्कृति विभाग का भी अतिरिक्त प्रभार है। सरकार यहां पर ऐसे अधिकारी को पदस्थ करना चाहती है, जिनके रिटायर होने में अभी एक से डेढ़ वर्ष का समय बचा है। इसी तरह सरकार उन विभागों के अधिकारियों को भी बदल सकती है, जो दो से तीन वर्ष से ज्यादा एक ही विभाग में पदस्थ है। इनमें खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी का नाम सामने आ रहा है। इसी तरह अलावा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण की प्रमुख सचिव सोनाली पोंक्षे वायंगणकर तकरीबन डेढ़ साल से पदस्थ है। उनके पास आयुक्त नि:शक्तजन का भी अतिरिक्त प्रभार है। इनके अलावा दूसरे वरिष्ठ अधिकारी भी है, जिनके पास अपने मूल विभाग के बाद भी दो से तीन विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी है। खबर है कि मुख्यमंत्री ने भी हरी झंडी दे दी है। इसमें मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों के नामों पर फंसा पेंच भी सुलझा लिया गया है।
आईपीएस अधिकारियों की भी सूची तैयार
बताया गया है कि सीएम ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के व्यापक स्तर पर तबादलों के लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के साथ विचार विमर्श करने के उपरांत सूची पर अंतिम सहमति प्रदान कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी कर दी जाएगी, जिसमें विशेष पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और उपपुलिस महानिरीक्षक के साथ-साथ कई जिलों के पुलिस कप्तान भी बदले जाएंगे। विशेष कर उन जिलों को नए पुलिस अधीक्षक मिलना तय है, जिनकी कमान डीआईजी पद पर पदोन्नत हो चुके आईपीएस अधिकारी संभाल रहे हैं।
