– वसुंधरा राजे फर्जी पत्र मामला…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के समक्ष बुधवार को राजस्थान पुलिस द्वारा तीन युवकों को भोपाल से जयपुर ले जाकर गिरफ्तार करने के मामले में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन के सामने पेश किये गए तीनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजस्थान पुलिस के दावों झूठा बताया। युवकों ने बताया कि हकीकत पुलिस के बयानों से एकदम उलट है। विरोधाभासी बयानों को देखते हुए कोर्ट ने तीनों युवकों के अलग-अलग बयान दर्ज कराने, संबंधित पुलिस अधिकारियों से शपथ पत्र मंगाने और अगली सुनवाई पर सभी अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 12 मई को होगी। राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया के नाम से वायरल कथित पत्र के मामले में कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। इसी मामले में युवकों के परिजन भोपाल के खिजर खान व अन्य की ओर से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता एचएस छाबड़ा ने कोर्ट को बताया कि 20 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 3 बजे साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन भोपाल में पुलिस द्वारा कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं (निखिल, बिलाल व इनाम) को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था और उन्हें दो दिनों तक किसी भी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया। बुधवार को तीनों युवकों को हाईकोर्ट में पेश किया गया। राजस्थान पुलिस की ओर से कोर्ट को बताया गया कि युवकों को अवैध रूप से हिरासत में नहीं रखा गया था। उन्हें 22 अप्रैल को दोपहर को गिरफ्तार किया गया तथा उसी दिन संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। उन्हें जयपुर की अदालत से जमानत मिल चुकी है, लेकिन जमानत प्रस्तुत नहीं होने के कारण वे अभी भी हिरासत में हैं।
