
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनी गईं विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर चल रहे दलबदल मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी। सोमवार को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ में सुनवाई के दौरान राच्य शासन ने जानकारी दी कि विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले में सुनवाई के लिए 22 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है। विधायक सप्रे इस दिन विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगी। कोर्ट ने सरकार के इस जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका की अगली सुनवाई 29 अगस्त तक के लिए टाल दी। हाईकोर्ट में हुई पिछली सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया था कि विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर सुनवाई के लिए 9 अप्रैल का समय तय किया था, लेकिन किन्हीं कारणों से उस दिन सुनवाई नहीं हो सकी थी।
नेता प्रतिपक्ष ने दाखिल की है याचिका
यह पूरा विवाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा दायर उस याचिका से जु? है, जिसमें निर्मला सप्रे का निर्वाचन शून्य करने की मांग की गई है। सिंघार का आरोप है कि कांग्रेस विधायक होने के बावजूद निर्मला सप्रे पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहीं। वे लोकसभा चुनाव के दौरान 5 मई 2024 को राहतग? में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंच पर पहुंची थीं। याचिकाकर्ता का तर्क है कि सप्रे भाजपा में शामिल हो चुकी हैं, लेकिन उन्होंने अब तक विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है, जो दलबदल कानून के तहत गैर-कानूनी है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष ने 30 जून 2024 को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष भी एक याचिका पेश की थी, लेकिन 90 दिनों की निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई न होने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
