विभागों के बीच समन्वय की कमी, बढ़ रही शिकायतें

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी से जुड़े मामलों पर विशेषज्ञ ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय-सीमा से अधिक लंबित प्रकरणों की हर सप्ताह समीक्षा की जाए और सैंपल जांच के जरिए उनकी गुणवत्ता भी परखी जाए, ताकि नागरिकों को संतोषजनक समाधान मिल सके। बैठक में अनौपचारिक चर्चा में राजस्व और वन विभाग की समस्या को लेकर चर्चा हुई। बैठक में यह भी मुद्दा उठा कि उद्योगों को जमीन आवंटन के बाद भी निर्माण के समय वन विभाग की आपत्तियों से काम अटक जाता है।
इस पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने माना कि विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। वह चीफ कंप्लेंट ऑफिसर बन गए हैं। गांव में वन और राजस्व भूमि को लेकर समस्या की बात कही गई। इस पर बताया गया कि वन विभाग की जमीन पोर्टल पर दर्ज हैं। वहीं, पंचायत विभाग की एसीएस दीपाली रस्तोगी ने कहा कि अधिकारियों के स्तर पर जो जानकारी सामने आ रही है, वह जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाती। उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए जमीन के रिकॉर्ड तक पहुंचना अभी भी मुश्किल है और गांवों में राजस्व व वन भूमि की स्पष्ट स्थिति नहीं है। कई जगहों पर माप में अंतर भी सामने आता है, जिससे विवाद बढ़ते हैं। मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा राजस्व व फॉरेस्ट के बीच जमीनी विवाद खुलकर सामने आया। एसीएस दीपाली रस्तोगी, संजय शुक्ला और पीएस राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जमीन राजस्व की होती है, मौके पर जाओ तो पता चलता है कि उस पर तो फॉरेस्ट का कब्जा है। कई जगह ऐसी स्थिति है। कागजों में कुछ और मौके पर कुछ होता है। सरकार के बचाव में एसीएस अशोक बर्णवाल ने कहा कि सभी मामले एक जैसे नहीं होते, बल्कि सबकी स्थिति अलग-अलग होती है। जिस पर मुख्य सचिव ने नसीहत दी कि उद्योगों को दी जाने वाली जमीन ठोक बजाकर आवंटित की जाए, इसमें कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। मुख्य सचिव ने बैठक में उद्योगों के लिए आवंटित भूमि से जुड़े एक बड़े विवाद का जिक्र किया था।
कार्यालय पहुंच रही शिकायतें
सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि कई शिकायतें मुख्य सचिव कार्यालय पहुंच रही है। यदि लोगों को मौके पर ही सुन लिया जाए तो ऐसी शिकायतें आनी बंद हो जाएंगी। आगे शिकायत करने का अवसर नहीं मिलना चाहिए। यदि ऐसी शिकायतें सीएस कार्यालय पहुंची, जिन्हें मौके पर ही सुना जा सकता था तो संबंधित पर ठोस कार्रवाई होगी।

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