- कोर्ट ने भरोसा दिलाया, हर पक्ष को अवसर दिया जाएगा

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को इंदौर हाई कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डबल बेंच ने करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक मामले की सुनवाई की। इस दौरान हिंदू पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा और भोजशाला के इतिहास व उससे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी दी। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता पार्थ यादव ने बताया कि सोमवार को सुनवाई के दौरान प्रारंभिक और आधारभूत तर्क रखे गए। कोर्ट को बताया गया कि भोजशाला का ऐतिहासिक महत्व क्या है और पुराने रिकॉर्ड इस बारे में क्या कहते हैं। गजेटियर, जर्नल और अन्य ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर यह समझाने की कोशिश की गई कि भोजशाला का स्वरूप पहले कैसा रहा है। साथ ही राजा भोज के समय से जुड़े तथ्यों को भी कोर्ट के सामने रखा गया। मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद वर्चुअल माध्यम से जुड़े। कोर्ट ने साफ किया है कि सभी याचिकाओं को क्रम से सुना जाएगा और हर पक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। इस मामले में कुल पांच याचिकाएं दायर की गई हैं।
1935 तक परिसर को लेकर कोई बड़ा विवाद नहीं था
अधिवक्ता ने यह भी बताया कि सोमवार की सुनवाई में 1935 से जुड़े मामले पर विस्तार से बहस नहीं हुई, लेकिन उस समय की घटनाओं का जिक्र जरूर किया गया। हिंदू पक्ष का कहना है कि 1935 तक इस परिसर को लेकर कोई बड़ा विवाद नहीं था, लेकिन इसके बाद हालात बदलने लगे। इन तथ्यों को भी अदालत के सामने रखा गया है।
