
- 12वें राउंड में ई-टेंडर से होगी नीलामी…
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश में बुधवार की देर रात तक चली शराब मुख्य दुकानों की नीलामी के 11 राउंड पूरे होने के बाद भी 900 से च्यादा शराब दुकानें बिक नहीं पाईं। इसके बाद अब सरकार ने इन शेष दुकानों के लिए रिजर्व प्राइज को तीस फीसदी घटा दिया है। आबकारी विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, अब इन दुकानों के लिए 12वें राउंड में केवल ई-टेंडर के जरिए ऑक्शन होगा, जिसमें रिजर्व प्राइज से तीस फीसदी तक कम दरों पर बोली लगाई जा सकेगी। ये ई-टेंडर गुरुवार को दोपहर 2 बजे तक भरे जा सकते हैं और उसी दिन शाम को खोले जाएंगे। आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक 1200 समूहों की लगभग 2600 दुकानों के ठेके अलॉट हो गए हैं। सरकार ने इस बार शराब दुकानों के ठेकों से कुल 19952.89 करोड़ के रेवेन्यू कलेक्शन का टारगेट रखा था, जिसमें से अब तक केवल 15409.94 करोड़ का राजस्व ही मिल पाया है।
रिजर्व प्राइज घटाने से टारगेट हासिल करना मुश्किल
प्रदेश की जिन 900 शराब दुकानों के लिए 12वें राउंड में ई-टेंडर किए जा रहे हैं, उनकी रिजर्व प्राइज लगभग 5080 करोड़ थी। अब रिजर्व प्राइज में 30 फीसदी कटौती को मंजूरी दी गई है, ऐसे में सरकार अपने टारगेट से लगभग एक हजार करोड़ पीछे रह सकती है। अगर शराब के ठेकों की नीलामी की बात करें तो प्रदेश में पहले से पांचवें चरण के दौरान नीलाम हुई शराब दुकानों के जरिए रिजर्व प्राइज से च्यादा का रेवेन्यू मिला था, वहीं छठे से 10वें राउंड में आरक्षित मूल्य से कम राजस्व हासिल हुआ है। प्रदेश में इस साल ठेकेदारों द्वारा शराब दुकानों में रुचि न लेने के कारण सरकार ने शराब दुकानों का रिजर्व प्राइज पहले 15 और फिर 20 फीसदी घटाया था। अब शेष बची दुकानों के लिए इसे 30 फीसदी तक कम किया गया है।
भोपाल में 87 में से 21 दुकानों का होगा ई-टेंडर
गुरुवार तक भोपाल की 87 शराब दुकानों में से 66 नीलाम हो गई हैं और इन्हें ठेकेदारों को अलॉट कर दिया गया है। भोपाल में 10वें और 11वें राउंड में केवल 24 दुकानों की नीलामी बची थी। इस दौर में सभी शेष दुकानों के टेंडर आ गए थे, लेकिन इनमें से केवल तीन टेंडर ही मंजूर किए गए हैं, जो बीस फीसदी की कटौती के बाद तय रिजर्व प्राइज से च्यादा के थे। 21 आवेदनों में ठेकेदारों ने 20 फीसदी कटौती के बाद तय आरक्षित मूल्य से भी कम राशि भरी थी, जिसके बाद इन दुकानों के लिए शुक्रवार को फिर से ई-टेंडर होंगे। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के अनुसार, शासन ने तीस फीसदी तक रिजर्व प्राइज कम कर दी है, ऐसे में ई-टेंडर के जरिए फिर बोली लगाई जाएगी। यदि बोली की रकम पूर्व में दुकान के लिए आए ऑफर प्राइज से अधिक होगी, तो दुकान नए ठेकेदार को मिलेगी, अन्यथा पहले बोली लगाने वाले ठेकेदार को ही दुकान सौंप दी जाएगी।
अब तक की नीलामी का आंकड़ा
– वर्ष 2026-27 लक्ष्य: 19,952 करोड़ रुपए
– कुल नीलामी: 1200 समूह
– रिजर्व प्राइस: 14,872.54 करोड़ रुपए
– प्राप्त राजस्व: 15,409.94 करोड़ रुपए
– आरपी से वृद्धि: 3.61 प्रतिशत
– पिछले वर्ष से वृद्धि: 24.34 प्रतिशत
– अभी बाकी राजस्व: 5,080 करोड़ रुपए
