मध्यप्रदेश में 16 अप्रैल से शुरू होगी जनगणना

जनगणना
  • मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुटेगा डेट

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना का पहला चरण एक अप्रैल से शुरू गया है। यह दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा जनगणना अभियान होगा, जो पहली बार पूरी तरह से डिजिटल माध्यमों से संचालित किया जा रहा है। हालांकि मप्र में 16 अप्रैल से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा। मप्र में कुल कितने मकान-दुकान या भवन है, इसकी गणना के लिए एक लाख 90 हजार कर्मचारी मैदान में उतरेंगे। मप्र के जनगणना कार्य निदेशालय ने मप्र में पहले चरण की जनगणना के लिए 1 लाख 60 हजार प्रगणक और 30 हजार पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। एक प्रगणक के जिम्मे औसतन 200 मकानों की गणना का जिम्मा होगा। औसतन इतने ही मकानों का ब्लॉक बनाया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में ब्लॉक्स में भवनों की संख्या कम या ज्यादा की जा सकती है। भवनों की गणना शहरी और ग्रामीण दो ही केटेगरी में की जाएगी।
प्रगणक स्मार्टफोन आधारित मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे। इससे पहले आम नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी भरने का विकल्प मिलेगा। मप्र में जनगणना का पहला चरण 16 अप्रैल से शुरू हो जाएगा। इसी दिन से मप्र में जनगणना निदेशालय की ओर से तैयार सेल्फ एन्युमरेशन पोर्टल पर मप्र की विंडो खुलेगी। आम लोग 16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) सुविधा का लाभ उठाते हुए खुद ही अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद मप्र के लिए सेल्फ एन्युमरेशन विंडो बंद हो जाएगी। इसके बाद 1 मई से 30 मई तक प्रदेशभर में मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना (हाउस लिस्टिंग) के लिए डोर-टू-डोर मैदानी सर्वे शुरू हो जाएगा।
सब-ब्लॉक बनाकर काउंट करने की व्यवस्था
मप्र सरकार ने जनगणना आयुक्त से मप्र की परिस्थितियों के हिसाब से मजरे-टोलों के लिए अलग केटेगरी बनाने की मांग की थी, लेकिन इसे नहीं माना गया है। लेकिन जनगणना निदेशालय ने बड़े मजरे-टोलों को जनगणना के दूसरे चरण में सब-ब्लॉक बनाकर काउंट करने की व्यवस्था की है। मप्र में शहरी और ग्रामीण दोनों मिलाकर लगभग से 3 करोड़ भवन (हाउसहोल्ड) होने का अनुमान है। मप्र के डीजीएम सेंसस विजय कुमार के मुताबिक प्रदेशभर में ब्लॉक गठन का काम तहसीलदार और नगर पालिका अधिकारियों को दिया गया है। प्रदेश में लगभग 140 मास्टर ट्रेनर फील्ड ट्रेनर्स के प्रशिक्षण की प्रक्रिया चल रही है, 24 मार्च से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण 4 अप्रैल तक चलेगा। इसके बाद फील्ड में सर्वे शुरू होने से एक सप्ताह पहले प्रगणकों की ट्रेनिंग होगी, जिसे 24 अप्रैल तक पूरी करने की डेडलाइन है।

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