कैपेसिटी बिल्डिंग से तय होगा अफसरों का प्रमोशन

प्रमोशन

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम।  मिशन कर्मयोगी के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम अनिवार्य है। इसे कर्मचारियों के प्रमोशन एवं एसीआर से भी जोड़ा जाएगा। लेकिन विडंबना यह है कि मप्र में कई विभागों के कोर्स ही अभी तक तय नहीं हो पाए हैं। वहीं शासन ने साफ कर दिया है कि भविष्य में पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों के लिए मिशन कर्मयोगी की ट्रेनिंग को अनिवार्य माना जाएगा। ऐसे में मिशन कर्मयोगी का प्रशिक्षण न लेने वाले कर्मचारियों के प्रमोशन भी अटक सकते हैं।
अब मिशन कर्मयोगी की डेडलाइन नजदीक आने के बाद सरकारी विभागों में सरगर्मी तेज हो गई है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश के लगभग 8 लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन आंकड़ों में नियमित पदों पर कार्यरत लगभग 4.5 लाख कर्मचारी और विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे करीब 3.5 लाख संविदा कर्मचारी शामिल हैं। शासन ने साफ कर दिया है कि भविष्य में पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों के लिए मिशन कर्मयोगी की ट्रेनिंग को अनिवार्य माना जाएगा। ऐसे में मिशन कर्मयोगी का प्रशिक्षण न लेने वाले कर्मचारियों के प्रमोशन भी अटक सकते हैं। मिशन कर्मयोगी के क्रियान्वयन के लिए विभाग अब डेडलाइन नजदीक आने पर सख्ती दिखाते नजर आ रहे हैं। पहले इस कोर्स को पूरा करने के लिए 31 मार्च की डेडलाइन तय की गई थी, लेकिन कई विभागों में कोर्स मॉड्यूल तैयार न होने और तकनीकी कारणों को देखते हुए अब इस समय सीमा को बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है। इस बढ़ी हुई समय सीमा के बावजूद कई बड़े विभागों ने अब तक अपने कर्मचारियों के लिए विशिष्ट कोर्स मॉड्यूल तक तैयार नहीं किए हैं। प्रत्येक विभाग को अपने कार्यक्षेत्र के अनुसार अलग मॉड्यूल तैयार करने थे, ताकि प्रशिक्षण केवल कागजी न रहकर व्यावहारिक बन सके।
कई बड़े विभाग कोर्स तय करने में पिछड़े
प्रदेश सरकार के वन विभाग, जल संसाधन विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उच्च शिक्षा, राजस्व आदि विभागों में तो मिशन कर्मयोगी की ट्रेनिंग और परीक्षा के लिए कोर्स के मॉड्यूल ही तय नहीं हो पाए हैं। इन विभागों में तो सभी कर्मचारियों का पोर्टल पर पंजीयन तक नहीं हो पाया है। मिशन कर्मयोगी के पोर्टल पर अलग अलग विषयों के 4300 से अधिक कोर्स उपलब्ध हैं, लेकिन राच्य की सरकारी जानकारी के अनुसार निर्माण और ऊर्जा से जुड़े विभागों के कर्मचारियों के कोर्स में बेसिक इंजीनियरिंग और अन्य विभागों में उनके कामकाज से संबंधित जानकारी कोर्स में शामिल की जानी है। हालांकि, राच्य शासन के मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा लगातार रिमाइंडर के बाद अब विभाग युद्ध स्तर पर इसकी तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही कई विभाग तो ऐसे भी हैं, जहां मिशन कर्मयोगी के लिए सभी कर्मचारियों का ऑनलाइन पंजीयन ही नहीं हो पाया है।

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