अफसरों के टोटे में मध्यप्रदेश देश में टॉप पर

मध्यप्रदेश
  • आईएएस की कमी में दूसरा तो आईपीएस में चौथा नंबर, पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा पद खाली

गौरव चौहान/भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। देश में सबसे ज्यादा आईएएस अफसरों की कमी उत्तर प्रदेश (81 पद) में है । इसके तुरंत बाद मध्य प्रदेश का नंबर आता है। मप्र में आईएएस के 459 स्वीकृत पद हैं। जबकि 391 वर्तमान में एमपी में पोस्टेड हैं। 68 अफसरों की कमी के साथ एमपी देश में आईएएस अफसरों की कमी के मामले में दूसरे नंबर पर है।
मप्र में प्रशासनिक और पुलिस महकमे के बड़े पदों पर अफसरों की भारी कमी है। केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आईएएस अफसरों की कमी के मामले में मध्य प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर है । वहीं, आईपीएस अफसरों की कमी के मामले में राज्य देशभर में चौथे नंबर पर है । एमपी में पुलिस महकमे के 15 प्रतिशत आईपीएस पद खाली पड़े हैं।
आईएएस की कमी: यूपी के बाद मध्य प्रदेश का ही नंबर
देश में सबसे ज्यादा आईएएस अफसरों की कमी उत्तर प्रदेश (81 पद) में है । इसके तुरंत बाद मध्य प्रदेश का नंबर आता है। मप्र में आईएएस के 459 स्वीकृत पद हैं। जबकि 391 वर्तमान में एमपी में पोस्टेड हैं। 68 अफसरों की कमी के साथ एमपी देश में आईएएस अफसरों की कमी के मामले में दूसरे नंबर पर है।
आईपीएस की कमी: बंगाल और ओडिशा के बाद एमपी सबसे पीछे
आईपीएस अफसरों की सबसे ज्यादा कमी पश्चिम बंगाल (59 पद) और ओडिशा (53 पद) में देखी गई है । मध्य प्रदेश इस लिस्ट में चौथे नंबर पर है। एमपी में आईपीएस के 319 पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 271 पुलिस अफसर वर्तमान में पोस्टेड हैं। एमपी में आईपीएस के 48 पद (यानी करीब 15 प्रतिशत पद खाली हैं)। आईएएस अधिकारियों की कमी वाले टॉप-5 राज्य आईएएस संवर्ग में खाली पदों के मामले में उार प्रदेश देश में पहले स्थान पर है, जहां 652 स्वीकृत पदों के मुकाबले 571 अधिकारी तैनात हैं और 81 पद रिक्त हैं। मध्य प्रदेश इस सूची में दूसरे स्थान पर आता है, यहां 459 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 391 पर अधिकारी पदस्थ हैं और 68 पद खाली पड़े हैं। तीसरे स्थान पर राजस्थान है, जहां 332 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 268 अधिकारी कार्यरत हैं और रिक्तियों की संया 64 है। चौथे नंबर पर बिहार का नाम आता है, जहां 359 स्वीकृत पदों में से 303 पद भरे हुए हैं और 56 पद रिक्त हैं । वहीं, एजीएमयूटी संवर्ग पांचवें स्थान पर है, जहां 457 स्वीकृत पदों के मुकाबले 406 अधिकारी तैनात हैं और 51 पद खाली हैं।

ये भी समझ लीजिए कि एजीएमयूटी कैडर क्या है
एजीएमयूटी एक विशेष प्रशासनिक संवर्ग (कैडर) है, जिसका उपयोग भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए किया जाता है। इसका पूरा नाम अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश है। यह संवर्ग किसी एक राज्य तक सीमित न होकर अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और सभी केंद्र शासित प्रदेशों (जैसे दिल्ली, चंडीगढ़, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर आदि) को कवर करता है, जिसका सीधा नियंत्रण केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के पास होता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, आईएएस के मामले में इस संवर्ग में कुल 457 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 406 पर अधिकारी तैनात हैं, वहीं आईपीएस के मामले में यह देश का सबसे बड़ा संवर्ग है जहां कुल 542 स्वीकृत पदों के मुकाबले वर्तमान में 427 अधिकारी कार्यरत हैं।

आईपीएस की कमी वाले टॉप-5 राज्य
आईपीएस संवर्ग में रिक्तियों के लिहाज से एजीएमयूटी संवर्ग सबसे ऊपर है, जहां 542 स्वीकृत पदों के मुकाबले 427 अधिकारी तैनात हैं और 115 पद रिक्त हैं। एजीएमयूटी कैडर के बाद पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है। जहां 378 स्वीकृत पदों में से 319 पद भरे हुए हैं और 59 पद खाली हैं। ओड़ीशा इस सूची में तीसरे स्थान पर है, जहां 248 स्वीकृत पदों के मुकाबले 132 अधिकारी ही पदस्थ हैं और 53 पद रिक्त हैं। चौथे नंबर पर मध्य प्रदेश आता है, जहां 319 स्वीकृत पद हैं और 271 अधिकारी कार्यरत हैं एमपी में आईपीएस अफसरों 48 पद खाली पड़े हैं। पांचवें नंबर पर आंध्र प्रदेश है, जहां 174 स्वीकृत पदों में से140 पद भरे हुए हैं और 34 पद खाली हैं।

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