
- विभागों से मांगी गई संविदा कर्मचारियों को दिए जाने वाले लाभ की रिपोर्ट
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र के विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को एक सरकारी कर्मचारी की तरह सुविधाएं मुहैया कराने के लिए 22 जुलाई 2023 को संविदा नीति 2023 लागू की गई थी। लेकिन कई विभागों ने उक्त नीति का सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं किया है। अब लगभग 3 साल बाद सरकार ने विभागों से संविदा कर्मचारियों को दिए जाने वाले लाभ की रिपोर्ट मांगी है। प्रदेश में विभिन्न विभागों और संस्थाओं में 1.5 से 2 लाख संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। 22 जुलाई 2023 को लागू की गई
इस नीति में संविदा कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, अनुकंपा नियुक्ति और अवकाश जैसे लाभ देने का प्रावधान किया गया था। जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के हित में अहम कदम उठाते हुए सभी विभागों, निगम-मंडलों और सरकारी संस्थाओं को संविदा नीति 2023 को सती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर विभागों से संविदा नीति के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी मांगी है। जीएडी ने सभी अपर मुय सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीन आने वाली संस्थाओं, परियोजनाओं और निगम-मंडलों में कार्यरत संविदा कर्मियों पर नीति लागू होने की स्थिति स्पष्ट करें। इसके लिए एक निर्धारित प्रपत्र जारी किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग 7 बिंदुओं पर विभागों से जानकारी मांगी है। सीधी भर्ती के पदों में संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षण की स्थिति सेवा के दौरान मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान है। ग्रेच्युटी के भुगतान की व्यवस्था ईएल, सीएल सहित अवकाश सुविधाओं की पात्रता नए अनुबंधों के निष्पादन की स्थिति संविदा पदों की नियमित पदों से समकक्षता होगी। सेवा शर्तों में सुधार के प्रावधानों का क्रियान्वयन होगा।
वास्तविक क्रियान्वयन की समीक्षा
गौरतलब है कि प्रदेश में विभिन्न विभागों और संस्थाओं में 1.5 से 2 लाख संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। 22 जुलाई 2023 को लागू की गई इस नीति में संविदा कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, अनुकंपा नियुक्ति और अवकाश जैसे लाभ देने का प्रावधान किया गया था। पहले निगमों और मंडलों को इसे अपने स्तर पर लागू करने का अधिकार दिया गया था, लेकिन अब सरकार इसके वास्तविक क्रियान्वयन की समीक्षा कर रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रावधानों को लागू नहीं किया गया है, उनके कारण भी संबंधित विभागों को दर्ज करने होंगे। इस पहल से संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान सामाजिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ अध्यक्ष रमेश राठौर के मुताबिक 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में वेतन समकक्षता, अनुकंपा नियुक्ति, ग्रेच्युटी, अवकाश, एनपीएस, स्वत: नवीनीकरण, 50 प्रतिशत आरक्षण और आयु सीमा में छूट जैसे प्रावधान शामिल हैं, लेकिन अधिकांश विभागों में इनका क्रियान्वयन नहीं किया। कई विभागों में सिर्फ न्यूनतम वेतन तय किया गया।
