कांग्रेस जिलाध्यक्षों की तैयार होगी…परफॉर्मेंस रिपोर्ट

  • कमजोर प्रदर्शन वालों को हटाया जाएगा पद से

गौरव चौहान/भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र की सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस अभी से रणनीतिक मोर्चे पर काम करने में जुट गई है। इसके लिए पार्टी में सक्रिय नेताओं को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनाव की तैयारी के तहत जिला अध्यक्षों के कामकाज की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार करने का निर्णय लिया है। नियुक्त किए गए जिला अध्यक्षों को 6 महीने का प्रदर्शन काल दिया गया है। प्रदर्शन के आधार पर खराब रिपोर्ट वाले अध्यक्षों को हटाया भी जा सकता है और नए चेहरों को अवसर मिल सकता है। गौरतलब है कि संगठन सूजन अभियान के तहत मप्र कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हुए सात महीने हो गए।  जिलाध्यक्षों को केंद्रीय नेतृत्व के दिशानिर्देशों, संगठन सृजन, स्थानीय मुद्दों को उठाने और भाजपा के खिलाफ आक्रामकता के आधार पर परखा जा रहा है। कांग्रेस 2028 की तैयारियों के लिए इस बार अलग रणनीति अपना रही है, जिसमें कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्षों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।  कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पार्टी जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद से ही उनके कामकाज का मूल्यांकन कर रही है। मूल्यांकन का आधार संगठन का गठन और पार्टी की ओर से दिए जा रहे कार्यक्रमों का क्रियान्वयन है। हाल में पार्टी ने गुजरात में जिला अध्यक्षों के कामकाज का मूल्यांकन किया था। अच्छा कार्य नहीं करने वाले 3 जिला अध्यक्षों को पद से हटा दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले का कहना है कि पार्टी की ओर से समय-समय पर संगठन सृजन अभियान की प्रगति की समीक्षा की जाती है। जिला अध्यक्षों के कामकाज का आंकलन भी इसका एक हिस्सा है। जल्द ही सभी जिला कार्यकारिणी घोषित कर दी जाएंगी।
58 जिलों में कार्यकारिणी का गठन नहीं
संगठन सृजन अभियान कांग्रेस द्वारा संचालित एक व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य पार्टी को बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक सशक्त बनाना है। चल्ला वामशी चंद रेड्डी भोपाल में संगठन सृजन अभियान के की भी समीक्षा करेंगे। इस अभियान के तहत मध्यप्रदेश कांगेस कमेटी संगठन के गठन में पिछड़ गई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस की ओर से अब तक सिर्फ 13 जिलों की कार्यकारिणी घोषित की गई है। इस तरह अभी 58 जिला कार्यकारिणी के गठन की घोषणा होना शेष है। दरअसल, कांग्रेस ने जनवरी के आखिर में कुछ जिलों की कार्यकारिणी घोषित की थी, लेकिन जिला कार्यकारिणी का आकार बहुत बड़ा होने के कारण पार्टी ने तय किया था कि बड़े जिलों की कार्यकारिणी में अधिकतम 51 और छोटे जिलों में अधिकतम 31 सदस्य होंगे। पार्टी की नई गाइडलाइन के अनुसार सभी जिलों की कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया गया। इस कारण जिला कार्यकारिणी की घोषणा में देरी हो रही है। ऐसे ही अब तक पंचायत और वार्ड कमेटियों का गठन भी नहीं किया जा सका है।
अगले महीने होगी कामकाज की समीक्षा  
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी चल्ला वामशीचंद रेड्डी अप्रैल के पहले सप्ताह में भोपाल के दौरे पर आएंगे। वे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बैठक कर जिला अध्यक्षों के कामकाज का मूल्यांकन करेंगे। बैठक में संगठन सृजन अभियान के प्रभारी रेड्डी जिला अध्यक्षों का रिपोर्ट कार्ड भी उनके सामने रखेंगे। नॉन परफॉर्मर जिला अध्यक्षों की पदों से छुट्टी हो सकती है। बैठक में प्रदेश प्रभारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी और जिला अध्यक्ष मौजूद रहेंगे। कांग्रेस ने गत 16 अगस्त को सभी 71 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की थी। भोपाल समेत कई जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का स्थानीय नेताओं ने विरोध भी किया था। नियुक्ति के कुछ दिन बाद नवनियुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों से कहा था कि हमने मप्र कांग्रेस का भविष्य आपके हाथ में सौंप दिया है। इससे आपका भविष्य भी जुड़ा है। जो जिला अध्यक्ष परफॉर्म करेगा, वह आगे जाएगा, जो अच्छा काम नहीं करेगा, उसकी पद से छुट्टी कर दी जाएगी। इस दौरान जिला अध्यक्षों को 30 दिन में जिला और ब्लॉक की नई टीम बनाने का टारगेट दिया गया था। साथ ही तीन महीने बाद जिला अध्यक्षों का परफॉरमेंस देखने की बात कही गई थी।

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