शराब दुकानों की नीलामी: मिलेगा 20 हजार करोड़ का राजस्व

शराब दुकानों
  • पिछले वर्ष के मूल्य से 30 प्रतिशत अधिक

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश सरकार 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहे वित्त वर्ष 2026-27 में आबकारी के जरिए 20 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व हासिल कर सकती है। सोमवार को मंत्रालय में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने आबकारी की मंत्रिमंडल समिति की अध्यक्षता करते हुए शराब दुकानों के टेंडर की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में समिति के सदस्य परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके भी शामिल हुए। आगामी वित्त वर्ष के लिए प्रदेश सरकार ने शराब दुकानों की टेंडर के जरिए नीलामी से 19 हजार 952 करोड़ रुपए के रेवेन्यू (राजस्व) का टारगेट रखा था। इस दौरान समिति को जानकारी दी गई कि फिलहाल शराब दुकानों के टेंडर के छह चरण हो चुके हैं और सभी शराब दुकानों की नीलामी होने के बाद यह आंकड़ा 20 हजार करोड़ के पार जा सकता है।
भोपाल-जबलपुर की चिंता
जानकारी के अनुसार, राजधानी भोपाल समेत जबलपुर, रतलाम, कटनी, शाजापुर, आलीराजपुर, दमोह, नीमच और झाबुआ जैसे 9 जिले ऐसे बचे हैं जहाँ टेंडर प्रक्रिया अब भी जारी है। भोपाल में अब भी शराब ठेकों की ई-टेंडर प्रोसेस चल रही है और छह राउंड के बाद भी 87 में से 30 से अधिक दुकानों के लिए ठेकेदार टेंडर नहीं डाल रहे हैं। यही हालत जबलपुर की भी है। गौरतलब है कि इस बार सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत 2025-26 में तय रिजर्व रेट में 20 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला लिया है। विभाग के अफसरों के अनुसार, अब तक हुई नीलामी से विभाग को 11 हजार 827 करोड़ का राजस्व सुनिश्चित हो चुका है, जो इन जिलों में पिछले साल के मुकाबले तीस फीसदी ज्यादा है। गौरतलब है कि इस बार शराब दुकानों की नीलामी के लिए अधिकतम 12 राउंड तय किए गए हैं। मंत्रिपरिषद समिति की बैठक में परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में राजस्व बढ़ाने के उपायों और प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
आगे की रणनीति
सरकार का फोकस अब शेष जिलों में राजस्व लक्ष्य हासिल करने और पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर है, ताकि निर्धारित लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सके। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भोपाल, जबलपुर, रतलाम, कटनी, शाजापुर, आलीराजपुर, दमोह, नीमच और झाबुआ जैसे जिलों में राजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
अब तक 30 फीसदी ज्यादा रेवेन्यू मिला
इस दौरान डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने बताया कि अब तक मदिरा दुकानों के टेंडर के शुरुआती 6 चरण चरण हो गए हैं, जिनमें अब तक हुई नीलामी से सरकार को पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 30 प्रतिशत अधिक राजस्व मिलना तय हो गया है। प्रदेश के उमरिया, सीधी, शहडोल, मंडला, डिंडोरी और खरगोन जैसे 10 जिलों में आबकारी ठेके का काम खत्म हो चुका है और यहाँ की सभी दुकानों के लिए ठेके आवंटित किए जा चुके हैं। समीक्षा बैठक में सबसे च्यादा चिंता उन जिलों को लेकर जताई गई जहाँ अभी भी शराब दुकानों की नीलामी नहीं हो पाई है। बैठक में शामिल प्रमुख सचिव और आबकारी आयुक्त ने जानकारी देते हुए कहा कि इंदौर में रेवेन्यू टारगेट का 78, ग्वालियर में 79, धार में 76, शिवपुरी में 80, रीवा में 85 और नर्मदापुरम में रेवेन्यू टारगेट का 93 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है और इन जिलों में शेष ठेकों की नीलामी से टारगेट पूरा हो जाएगा।

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