- सियासी गलियारों में फिर चर्चा शुरू…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेत्री मानी जाने वाली उमा भारती ने राजनीति पर फिर बयान दिया है। उन्होंने मंच से साफ शब्दों में कहा है कि जब तक जीयूंगी, तब तक राजनीति करती रहूंगी। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में फिर चर्चा शुरू हो गई है। टीकमगढ़ शहर के गर्ल्स कॉलेज में वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं, स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत वीरांगना अवंती बाई के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित जनसमूह ने उनके साहस, बलिदान और देशभक्ति को नमन किया।
बताया अपना संकल्प: मंच से संबोधित करते हुए उमा भारती भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि अवंती बाई का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज और देश को मजबूत बनाया जा सकता है। जब तक मैं जिंदा हूं, राजनीति करूंगी और समाज की सेवा में लगी रहूंगी। बहुत लंबा जीने का मन है। यह मेरा संकल्प है कि वीरांगना अवंती बाई के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करती रहूं। पूर्व मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान भी जरूरी है। महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश भक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
जनता से मांगा आशीर्वाद
उमा भारती ने अपने स्वास्थ्य का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनका स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से पूरी तरह ठीक नहीं है, लेकिन इसके बावजूद वे जनता के बीच रहकर काम करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जनता के आशीर्वाद और समर्थन की आवश्यकता है, जिससे वे आगे भी समाज हित के कार्य करती रहें। उन्होंने कहा कि आप लोगों में से एक भी व्यक्ति मेरे साथ खड़ा रहेगा तो लगेगा कि मैं अकेली नहीं हूं। आप लोगों का आशीर्वाद रहे, शुभकामनाएं मिलें। उमा ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा यही हो जाएगा कि हम नहीं चल पाएंगे तो आप लोग उठाकर बिठा दिया करना। मैं तो कहती हूं कि तीन चीजें काम करना चाहिए- वाणी, कान और आंख। मुझे सुनाई दे, मैं देख पाऊं और मैं बोल पाऊं। जब तक ये रहेगा, तब तक मैं आप लोगों के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करूंगी।
