
- शिक्षक को वार्डन के रूप में किया जाएगा नियुक्त
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बार खास तैयारी की है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सत्र 2026-27 की कक्षाएं एक अप्रैल से प्रारंभ होंगी। नए सत्र के शुरू होते ही प्रवेशोत्सव भी मनाया जाएगा और विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन कराया जाएगा। डीपीआई के निर्देशों के तहत प्रत्येक कक्षा में एक शिक्षक को वार्डन के रूप में नियुक्त किया जाएगा। शिक्षक वार्डन की जिम्मेदारी होगी कि वे विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर नजर रखें और अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क करें। नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षक घर-घर जाकर संपर्क अभियान चलाएंगे। इस दौरान वे अभिभावकों को स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों, गणवेश, छात्रवृत्ति और अन्य शासकीय योजनाओं की जानकारी देंगे।
सभी कक्षाओं की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद उनके परिणाम (आठवीं, नौवीं व 11वीं) 23 मार्च को घोषित किए जाएंगे। इन विद्यार्थियों को परिणाम के आधार पर अगली कक्षा में 24 मार्च से 31 मार्च तक प्रवेश दिया जाएगा। दो अप्रैल को शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की बैठक आयोजित कर प्रवेशोत्सव में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। बता दें कि प्रदेश में बढ़ते ड्रॉप-आउट को देखते हुए सरकार और शिक्षा विभाग चिंतित है। इस बारे में शिक्षकों का कहना है कि आरटीई नियम का फायदा उठाते हुए अभिभावक सरकारी स्कूलों से बच्चे को निकालकर निजी शालाओं में भर्ती करा रहे हैं। वहीं नए सत्र की तैयारियों को लेकर स्कूलों को भी कई निर्देश दिए गए हैं। एक अप्रैल से पहले सभी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूरा कर लिया जाएगा, तांकि सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सके. इसके अलावा स्कूल भवनों की रंगाई-पुताई और साफ-सफाई का काम 30 मार्च तक पूरा करने को कहा गया है।
ड्रॉप-आउट रोकने खास रणनीति
इस बार स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ाने और स्कूलों में ड्रॉप-आउट रोकने के लिए खास रणनीति बनायी है। प्रत्येक कक्षा में एक शिक्षक को वार्डन की जिम्मेदारी दी जाएगी। यह शिक्षक विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर नजर रखेगा। लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के साथ वह संपर्क करेंगे। इस दौरान वार्डन बने शिक्षक अभिभावकों से सीधे मिलकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए आग्रह करेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार डीपीआई ने नए दिशा-निर्देश जारी किए है। दरअसल बीते शैक्षणिक सत्र में 3.43 लाख बच्चों ने अपनी पढ़ाई बीच में रोक दी दी थी। इतनी संख्या में बच्चों के स्कूल छोडऩे से स्कूल शिक्षा विभाग चिंतित है। पिछले वर्ष प्रदेश में स्कूल छोडऩे वाले करीब 3.43 लाख बच्चों में 2.66 लाख बच्चे सरकारी स्कूलों के थे थे। 52 जिलों में सबसे ज्यादा खरगोन जिले से 20 हजार से अधिक बच्चे ड्रॉप-आउट हुए, जिन्होंने कहीं भी दोबारा प्रवेश नहीं लिया। आयुक्त डीपीआई शिल्पा गुप्ता का कहना है कि सरकारी शालाओं में इस बार नामांकन बढ़ाने खास रणनीति बनाई है। इसके लिए शिक्षकों को घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए है। शिक्षक अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देंगे। इनमें नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, स्कॉलरशिप सहित अन्य शासकीय योजनाएं शामिल है। विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कर स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई जाएं।
7 मई से होगी द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं…
मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल माशिमं ने द्वितीय बोर्ड परीक्षाओं की तिथि घोषित कर दी है। कक्षा 10 की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 से 19 मई और 12 वीं की परीक्षाएं 7 से 25 मई तक चलेंगी। जारी कार्यक्रम के अनुसार दोनों परीक्षाओं का समय सुबह 09 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र अप्रैल अंत या मई के पहले हफ्ते में जारी किए जा सकते हैं। जिन विद्यार्थियों के प्रायोगिक विषय हैं, उनकी प्रायोगिक परीक्षाएं भी 7 से 25 मई के बीच आवंटिन केंद्रों पर होगी।
