- सारा डाटा होगा एक क्लिक पर

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्य प्रदेश में साढ़े सात लाख शासकीय कर्मचारियों का डिजिटल डाटा तैयार किया जाएगा। इसमें प्रत्येक कर्मचारी की ज्वाइनिंग से लेकर पदस्थापना (ट्रांसफर, पोस्टिंग) और सेवानिवृत्ति तक का रिकॉर्ड सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के पास रहेगा। मध्य प्रदेश में 6,77,397 नियमित कर्मचारी हैं। इसके अलावा संविदा कर्मचारी भी हैं। अभी तक सरकार के पास कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड संबंधी डाटा एक जगह नहीं है। केवल वित्त विभाग के पास ट्रेजरी से वेतन पाने वाले कर्मचारियों की जानकारी है।
एचआरएमएस पोर्टल पर एकजाई होगा सर्विस डेटा
सामान्य प्रशासन विभाग ने एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के माध्यम से मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) का एक पोर्टल बनवाया है। जिसमें कर्मचारियों के अवकाश, सीआर, स्थानांतरण, पदोन्नति की जानकारी इकट्ठा कर एकल डेटाबेस संधारित किया जाएगा। पोर्टल में डेटाबेस कर्मचारियों का रिकॉर्ड दर्ज होने से कर्मचारियों की जानकारी सरकार के पास होगी। इसके अलावा विभागाध्यक्ष कार्यालयों, कमिश्नरी और कलेक्ट्रेट में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। कर्मचारियों की सीआर, विभागीय जांच, अनुकंपा नियुक्ति और सेवा समाप्ति से संबंधित मामलों का ऑनलाइन ही निराकरण किया जाएगा। पोर्टल में डेटाबेस कर्मचारियों का रिकॉर्ड दर्ज होने से कर्मचारियों की जानकारी सरकार के पास होगी। इसके अलावा विभागाध्यक्ष कार्यालयों, कमिश्नरी और कलेक्ट्रेट में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। कर्मचारियों की सीआर, विभागीय जांच, अनुकंपा नियुक्ति और सेवा समाप्ति से संबंधित मामलों का ऑनलाइन ही निराकरण किया जाएगा।
कोर्ट में सरकार की किरकिरी रोकने की कवायद
इनमें से एक लाख से अधिक ने पदोन्नति, वरिष्ठता, वेतन वृद्धि, वेतनमान और समयमान वेतन के निर्धारण से जुड़े केस सरकार के विरुद्ध हाई कोर्ट में लगा रखे हैं। कई बार कोर्ट इन प्रकरणों में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत होने को कहता है। कोर्ट में सरकार की किरकिरी न हो और प्रतिकूल स्थिति न बने, इसके लिए प्रत्येक कर्मचारी की डिजिटल कुंडली तैयार की जा रही है। इस व्यवस्था से अधिकारी हो या कर्मचारी, उसकी सेवा संबंधी कोई मामला है तो उसका निराकरण सरकार के स्तर पर ही किया जा सकेगा। मामले का निपटारा न होने पर कर्मचारी न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।
