20 साल में देश के अंदर 200 बाघों का अवैध शिकार

बाघों का अवैध शिकार
  • आरटीआई के जरिए हुआ खुलासा

नई दिल्ली/बिच्छू डॉट कॉम। टाइगर स्टेट का नाम आते ही हर कोई समझ जाता है कि बात मध्य प्रदेश की हो रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत में सबसे ज्यादा बाघ इसी राज्य में पाए जाते हैं। हालांकि, आज हम बाघों को लेकर ऐसी रिपोर्ट का जिक्र करने जा रहे, जिसे सुनकर कोई भी सन्न रह जाएगा। जिस राज्य में सबसे ज्यादा टाइगर पाए जाते हैं, चौंकाने वाली बात ये है कि वहां सबसे ज्यादा टाइगर का अवैध शिकार किया गया है। ये खुलासा आरटीआई के जरिए हुआ है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो से प्राप्त सूचना के अधिकार में ये जवाब मिला है।
क्या कह रहे वन्य जीव एक्सपर्ट
वन्यजीव विशेषज्ञों ने इन हत्याओं को शरीर के अंगों की अंतरराष्ट्रीय मांग से जोड़ा है। डॉ. वाई. वी. झाला, इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर में टाइगर एक्सपर्ट और भारतीय वन्यजीव संस्थान के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक और डीन रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े चिंताजनक हैं क्योंकि शिकार किए गए बाघों और तेंदुओं में से केवल एक छोटा सा हिस्सा ही अधिकारियों की ओर से जब्त किया जाता है।
तेदुओं को लेकर क्या हैं आंकड़ें
डब्ल्यूसीबी के रिकॉर्ड पर गौर करें तो तेंदुओं का सबसे ज्यादा शिकार हिमाचल प्रदेश में हुआ है। यहां 21 तेंदुए मारे गए। उसके बाद आंध्र प्रदेश में आठ, जम्मू और कश्मीर में 6, पंजाब में 5, उत्तर प्रदेश में 5, उत्तराखंड में 5, मध्य प्रदेश में 5 और तमिलनाडु में 5 हैं। तेंदुओं के शिकार के लगभग 35 फीसदी मामले हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और उत्तराखंड के पहाड़ी राज्यों में हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वन क्षेत्रों के विखंडन, वन्यजीव गलियारों पर अतिक्रमण और बाघों के आवासों में अवांछित आवाजाही में वृद्धि से जुड़े मानव-वन्यजीव संघर्ष में संभावित वृद्धि का संकेत देता है। सख्त कानूनों के बावजूद, बाघ के अंगों और उत्पादों की डिमांड लगातार जारी है। खास तौर यह मांग चीन और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों जैसे पड़ोसी देशों में बनी हुई है।
मध्य भारत में 59 बाघों का शिकार
आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, 2005 से 2025 के बीच पूरे भारत में लगभग 200 बाघों का अवैध शिकार हुआ। इसमें मध्य भारत एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। आंकड़ों से पता चला कि कुल अवैध शिकार के मामलों में से 59 बाघों का शिकार मध्य भारत के आवासों में हुए। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की ओर से साझा किए गए राज्यवार आंकड़ों से पता चलता है कि बाघों के अवैध शिकार के सबसे अधिक मामले मध्य प्रदेश में आए हैं। बीते 20 साल में यहां 36 टाइगर को अवैध तरीके से निशाना बनाया गया। इस लिस्ट एमपी के बाद उत्तर प्रदेश का नाम है।
भारत में करीब 3600 बाघ
भारत में लगभग 3,600 बाघ हैं, जो वैश्विक बाघ आबादी का लगभग 75 फीसदी है। यह जानकारी पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से जारी भारतीय वन्यजीव संस्थान और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के माध्यम से किए गए लेटेस्ट टाइगरों की संख्या के अनुमान से जुड़ी है। बाघों के रहने वाले जंगलों में लगभग 13,800 तेंदुए हैं। आरटीआई डेटा से पता चला है कि इसी अवधि के दौरान 92 तेंदुओं का शिकार किया गया।
राज्य टाइगर बने शिकार
मध्य प्रदेश 36
उत्तर प्रदेश 14
कर्नाटक 13
महाराष्ट्र 9
असम 6
उत्तराखंड 4
केरल 4
तमिलनाडु 3
छत्तीसगढ़ 3
आंध्र प्रदेश 3

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