
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मतदाता बनना उत्सव मनाने का एक गौरवशाली मौका है। उन्होंने ‘माई भारत’ (MY-Bharat) के स्वयंसेवकों को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने आग्रह किया है कि जब कोई युवा पहली बार वोटर बने, तो इस खुशी को मिलकर मनाना चाहिए। इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक पत्र साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा, प्यारे देशवासियो राष्ट्रीय मतदाता दिवस की आपको, आपके परिवारजनों और मित्रों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। देश के एक नागरिक के रूप में आपसे जुड़कर मुझे बहुत खुशी हो रही है। आप सभी की तरह भारतीय लोकतंत्र पर मुझे भी अत्यंत गर्व है।
भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है और यह सही भी है। हमें इस बात पर भी गर्व है कि भारत लोकतंत्र की जननी है, जिसके लोकतांत्रिक मूल्यों का इतिहास सदियों पुराना है। लोकतंत्र, बहस और संवाद हमारी संस्कृति में रचे-बसे हैं। देश में आम चुनाव की शुरुआत 1951 में हुई थी, यानि इस वर्ष हम उसके 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं। 1952 में संपत हुए इस चुनाव ने दुनिया को बताया कि लोकतांत्रिक भावना भारतीयों के स्वभाव में समाहित है। लोकतंत्र में मतदाता होना विशेषाधिकार के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। मतदान एक संवैधानिक अधिकार है, जो भारत के भविष्य में उसके नागरिकों की भागीदारी का प्रतीक है। मतदाता देश का भाग्यविधाता होता है। मतदान के अवसर पर उंगली पर लगने वाली अमिट स्याही बताती है कि हमारा लोकतंत्र बहुत जीवंत है और इसका उद्देश्य काफी बड़ा है। उन्होंने आगे कहा, आपके मित्रों या रिश्तेदारों में कई ऐसे युवा हो सकते हैं, जो पहली बार वोटर बन रहे हैं। उनके जीवन के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण है। पहली बार मतदाता बनने वालों का लोकतंत्र में इसलिए भरपूर स्वागत होना चाहिए, क्योंकि उनके पास देश के भाग्य को बदलने की क्षमता है।
आज मैं आप सभी से एक विशेष आह्वान करना चाहता हूं। जब आप या आपके आसपास का कोई युवा पहली बार मतदाता बने, तो उसका उत्सव जरूर मनाएं। घर पर या फिर अपने मोहल्ले और अपार्टमेंट में मिठाई बांटकर इसे मना सकते हैं। हमारे स्कूल और कॉलेज लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने में एक नर्सरी की तरह अहम भूमिका निभाते हैं। मेरा आग्रह है कि वे अपने छात्र के पहली बार मतदाता बनने के अहम पड़ाव को सेलिब्रेट जरूर करें। इसके लिए ऐसे समारोह आयोजित किए जा सकते हैं, जहां नए वोटर को सम्मानित किया जाए। इससे उन्हें यह अहसास होगा कि उनकी यह नई जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है। हमारे स्कूलों और कॉलेजों के परिसर ऐसे अभियानों का केंद्र भी बन सकते हैं, जिनसे यह सुनिश्चित हो कि हर पात्र युवा वोटर के रूप में जरूर पंजीकृत हो। हर साल 25 जनवरी यानि राष्ट्रीय मतदाता दिवस इन एक्टिविटीज के लिए एक उपयुक्त अवसर है। दुनिया के लिए इतने बड़े पैमाने पर इलेक्शन होना चुनाव प्रबंधन की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि हैं। वहीं, हमारे लिए यह प्रबंधन के अलावा लोकतंत्र का एक भव्य उत्सव है, जहां हम सभी वोटर के रूप में इसे मिलकर सेलिब्रेट करते हैं। वोटिंग करने को लेकर देशवासियों की प्रतिबद्धता बहुत गहरी है। चाहे वो हिमालय की ऊंचाइयों पर रहते हों, अंडमान-निकोबार के द्वीपों में हों, रेगिस्तान में या फिर घने जंगलों में, वे चोट करके यह सुनिश्चित करते हैं कि उनकी आवाज जरूर सुनी जाए। लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति वोटर्स की यह प्रतिबद्धता आने वाले समय के लिए भी बड़ी प्रेरणा होगी।
