हरीश फतेह चंदानी हलुआ मिले ना मांडेबुंदेली में एक कहावत है। दोऊ दीन से गये पांडे, हलुआ मिले न मांड़े। यानी दो चीजों के लालच में एक भी हाथ नहीं…