प्रभु त्रिवेदी मित्रो ! कल की शाम आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण होने की शाम थी। स्थान था हमारे अनन्य श्री संदीप राशिनकरजी का ” आपले वाचनालय ” का ऐतिहासिक सभागार।…