प्रवीण कक्कड़ शिव: शक्तया युक्तो यदि भवति शक्त: प्रभवितुंन चेदेवं देवो न खलु कुशल: स्पन्दितुमपि।आदि शंकराचार्य विरचित सौंदर्यलहरी की यह आरंभिक पंक्तियां कहती हैं कि शक्ति के बिना शिव, अधूरे…