- 28/11/2021
- shailendra
संवाद से सहमति और सहमति से समाधान की दिशा में सतत सक्रिय एवं सचेष्ट रहना ही लोकतंत्र की मूल भावना है
मयंक विश्नोई गुरु पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से माफी मांगते हुए कृषि कानूनों को वापस ले लिया था। इसकी वजह थी कि किसान आंदोलन से…
Read More- 14/05/2021
- shailendra
हम लोकतंत्र के लायक कभी रहे ही नहीं
वीरेंद्र नानावटी लोकतंत्र:सवाल-दर-सवाल/भाग 3आजादी के पहले सुभाषचन्द्र बोस देश की नब्ज अच्छे से जानते थे कि हजारों सालों की गुलामी की गर्त और राजे-रजवाड़ों की रिवायतों को झेलता हिन्दुस्तान अभी…
Read More- 13/05/2021
- shailendra
माल-मलाई परोसने का लोकतंत्र
वीरेंद्र नानावटी लोकतंत्र:सवाल-दर-सवाल/भाग 2 क्या लोकतंत्र मर रहा है और चुनावों ने उसे जिंदा कर रखा है ये विडंबना ही है कि भारतीय लोकतंत्र विगत सालों से वैचारिक प्रतिबद्धता से…
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