प्रवीण कक्कड़ जिस देश के वांग्मय में ब्रम्हा – विष्णु – महेश की मैत्री का सर्वोच्च उदाहरण उपस्थित हो, जहां पर कृष्ण अपने आंसुओं से सुदामा के पैर धोते हों…