डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी जैसे मालिक पैदा नहीं होता, बनना पड़ता है। वैसे ही कोई भी आदमी उल्लू का पट्ठा पैदा नहीं होता, उसके लिए टिकट खरीदकर हॉल में जाना पड़ता…