शराब दुकानों के ठेके के लिए ठेकेदार नहीं ले रहे रुचिभोपाल/अपूर्व चतुर्वेदी/बिच्छू डॉट कॉम। सुदर्शन फाखिर द्वारा लिखी गई गजल हम तो समझे थे के बरसात में बरसेगी शराब आई…