दोस्ती

संसार की सबसे कीमती दौलत है ‘दोस्ती’

प्रवीण कक्कड़ ‘कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीति। बिपति-कसौटी जे कसे, सोई सांचे मीत।’ सुविख्यात कवि रहीमदास द्वारा रचित यह दोहा हम सब ने अपने किताबों में पढ़ा…

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