हरीश पाठक यह कैसी त्रास-कथा है कि हिंदी का एक मशहूर लेखक राजधानी दिल्ली के एक वृद्धाश्रम में जीवन के अंतिम क्षणों में निपट अकेला होता है। वह हर तरह…