बिच्छू डॉट कॉम। गुरुनानक देव कहते हैं कि बाहर से स्वच्छ हो जाने से आंतरिक शुद्धता नहीं होती है। बाहर से चुप हो जाने पर मौन उपलब्ध नहीं होता। आंतरिक…