निरुक्त भार्गव ऐसे समय जब सार्वजनिक क्षेत्र, समाज जीवन और खासकर राजनीतिक फलक से स्वस्थ, आदर्श और श्रेष्ठ चीजों का बड़ी तेजी से लोप हो रहा है, संत उमेशनाथ जैसे…