प्रकाश भटनागर ‘शहर में शोर मत करो कि शहजादों की आंख आयी हुई है।’ हुक्मरानों की अकड़ से भरी नजाकत को बताती यह पंक्ति आज याद आ गयी। इन्दर सिंह…