आदमी

शराब कैसी, खुमार कैसा, मेरी नजर में बदल गए हो तुम

राकेश श्रीमाल यह माना जाता है कि समय प्रति पल खुद को ही नहीं बदलता, वह बहुत चुपचाप रहकर एक लंबे समय में आदमी को भी बदल देता है। लेकिन…

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